📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Post of India
कृषि
आईसीएआर ने पोण्डा के केरी और प्रिओल में बायोचार पायलट परियोजना शुरू की
✍️ The Times of India
🗓 27 अग. 2026, 07:36 AM
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने गोवा के पोण्डा के केरी और प्रिओल गांवों में बायोचार प्रयोग के लिए पायलट अध्ययन शुरू किया है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने गोवा के पोण्डा तालुका के केरी और प्रिओल गांवों में बायोचार के प्रयोग हेतु पायलट कार्यक्रम शुरू किया है। इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय परिस्थितियों में बायोचार के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता, पोषक तत्वों की धारण शक्ति और फसल उत्पादन में सुधार की संभावनाओं का मूल्यांकन करना है। कृषि अवशेषों से बायोचार तैयार कर खेतों में मिलाया जाएगा और मिट्टी के मानकों तथा फसल की पैदावार को कई मौसमों तक निगरानी किया जाएगा। आईसीएआर के अधिकारियों ने बताया कि इस पायलट से प्राप्त डेटा गोवा में बायोचार के व्यापक उपयोग तथा भारत के अन्य क्षेत्रों में विस्तार के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है। यह पहल सतत कृषि प्रथाओं को बढ़ावा देने और रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम करने के साथ ही कार्बन को मिट्टी में संचित करने के लक्ष्य को दर्शाती है।