📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
शिक्षा
एचपीयू के शिक्षकों ने स्वायत्तता व सीएएस बहाली के लिए 21 दिन का विरोध जारी रखा
✍️ The News Mill
🗓 23 सित. 2026, 05:01 AM
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने स्वायत्तता और कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज़ (सीएएस) की बहाली की मांग में 21वें दिन का विरोध जारी रखा है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के शिक्षक लगातार तीसरे हफ्ते तक विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं, जिससे आज 21वां दिन पूरा हुआ। वे राज्य से विश्वविद्यालय को पूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक स्वायत्तता प्रदान करने की मांग कर रहे हैं, जिसे वे शैक्षणिक मानकों और स्वतंत्र निर्णय‑निर्धारण के लिए आवश्यक मानते हैं।
दूसरी मांग कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज़ (CAS) की बहाली की है, जिसे हालिया प्रशासनिक बदलावों में घटाया या विलीन किया गया था, उनका कहना है। वे मानते हैं कि CAS की पुनर्स्थापना एक ऐतिहासिक शैक्षणिक इकाई को पुनर्जीवित करेगी और छात्रों व कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगी।
विश्वविद्यालय के प्रबंधन ने अभी तक इन मांगों को स्वीकार नहीं किया है, क्योंकि वे राज्य सरकार के साथ विस्तृत समीक्षा और परामर्श की आवश्यकता पर बल दे रहे हैं। विरोध शांतिपूर्ण रूप से चल रहा है, जहाँ शिक्षक कैंपस में बैठकों का आयोजन कर रहे हैं और कुलपति को याचिकाएँ प्रस्तुत कर रहे हैं।
इस हड़ताल के कारण सामान्य कक्षाओं और परीक्षाओं में व्यवधान आया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में शैक्षणिक देरी को लेकर चिंता बढ़ी है। सभी पक्षों की उम्मीद है कि हिमाचल प्रदेश सरकार जल्द ही विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगी।
दूसरी मांग कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज़ (CAS) की बहाली की है, जिसे हालिया प्रशासनिक बदलावों में घटाया या विलीन किया गया था, उनका कहना है। वे मानते हैं कि CAS की पुनर्स्थापना एक ऐतिहासिक शैक्षणिक इकाई को पुनर्जीवित करेगी और छात्रों व कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगी।
विश्वविद्यालय के प्रबंधन ने अभी तक इन मांगों को स्वीकार नहीं किया है, क्योंकि वे राज्य सरकार के साथ विस्तृत समीक्षा और परामर्श की आवश्यकता पर बल दे रहे हैं। विरोध शांतिपूर्ण रूप से चल रहा है, जहाँ शिक्षक कैंपस में बैठकों का आयोजन कर रहे हैं और कुलपति को याचिकाएँ प्रस्तुत कर रहे हैं।
इस हड़ताल के कारण सामान्य कक्षाओं और परीक्षाओं में व्यवधान आया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में शैक्षणिक देरी को लेकर चिंता बढ़ी है। सभी पक्षों की उम्मीद है कि हिमाचल प्रदेश सरकार जल्द ही विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगी।