📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
राजनीति
हिमाचल में मानसून सत्र शुरू, BJP ने कांग्रेस पर 'बदला राजनीति' का आरोप, मुख्यमंत्री सुखु ने तथ्यात्मक बहस की माँग
✍️ Hindustan Times
🗓 21 अग. 2026, 05:39 PM
👁 7
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज शुरू हुआ, जहाँ BJP ने कांग्रेस पर ‘बदला राजनीति’ का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री सुखु ने तथ्यात्मक बहस की मांग की।
हिमाचल प्रदेश की विधानसभा ने आज मानसून सत्र की शुरुआत की, जिससे बरसात के मौसम में विधायी कार्य आधिकारिक रूप से शुरू हुआ। शिमला में सभी विधायकों को इकट्ठा किया गया और अध्यक्ष ने सभा को अधिसूचित किया।
भाजपा ने इस अवसर का उपयोग करते हुए कांग्रेस पर ‘बदला राजनीति’ का आरोप लगाया, यह कहकर कि विपक्ष व्यक्तिगत प्रतिशोध के बजाय सार्वजनिक कल्याण को प्राथमिकता नहीं देता। पार्टी के प्रवक्ताओं ने बताया कि सत्र के दौरान इन मुद्दों को उठाया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु ने तथ्यात्मक बहस की माँग की, यह कहा कि नीति चर्चा को पार्टियों के बीच व्यक्तिगत हमले से मुक्त होना चाहिए। सुखु ने कहा कि राज्य के विकास संबंधी चुनौतियों को सच्ची जानकारी के आधार पर ही सुलझाया जा सकता है, विशेषकर मौसमी बाढ़ के संदर्भ में।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सत्र राज्य की शक्ति संरचना में बदलाव का संकेत दे सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष आगामी स्थानीय चुनावों से पहले अपने‑अपने दृष्टिकोण को प्रस्तुत करने के लिए उत्सुक हैं।
सत्र में बाढ़ प्रबंधन, कृषि राहत और बुनियादी ढाँचा जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जो बरसात के मौसम में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
भाजपा ने इस अवसर का उपयोग करते हुए कांग्रेस पर ‘बदला राजनीति’ का आरोप लगाया, यह कहकर कि विपक्ष व्यक्तिगत प्रतिशोध के बजाय सार्वजनिक कल्याण को प्राथमिकता नहीं देता। पार्टी के प्रवक्ताओं ने बताया कि सत्र के दौरान इन मुद्दों को उठाया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु ने तथ्यात्मक बहस की माँग की, यह कहा कि नीति चर्चा को पार्टियों के बीच व्यक्तिगत हमले से मुक्त होना चाहिए। सुखु ने कहा कि राज्य के विकास संबंधी चुनौतियों को सच्ची जानकारी के आधार पर ही सुलझाया जा सकता है, विशेषकर मौसमी बाढ़ के संदर्भ में।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सत्र राज्य की शक्ति संरचना में बदलाव का संकेत दे सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष आगामी स्थानीय चुनावों से पहले अपने‑अपने दृष्टिकोण को प्रस्तुत करने के लिए उत्सुक हैं।
सत्र में बाढ़ प्रबंधन, कृषि राहत और बुनियादी ढाँचा जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जो बरसात के मौसम में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।