📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Qiang Huang, Sheina B Sim, Scott M Geib, Anna Chil
कृषि
कंगड़ा के मधुमक्खी पालक ₹3 करोड़ का नुकसान, छोटा हॉबीट बीटल का असर
✍️ Hindustan Times
🗓 20 सित. 2026, 05:46 PM
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कंगड़ा जिले के मधुमक्खी पालकों ने छोटा हॉबीट बीटल के प्रकोप से ₹3 करोड़ का नुकसान दर्ज किया।
छोटा हॉबीट बीटल (Aethina tumida) के अचानक प्रकोप ने हिमाचल प्रदेश के कंगड़ा जिले में मधुमक्खी के कॉलोनियों पर भारी असर डाला, जिससे स्थानीय मधुमक्खी पालकों को लगभग ₹3 करोड़ का नुकसान हुआ।
जिले के कृषि कार्यालय के अनुसार, इस कीट ने 1,200 से अधिक छत्तों को संक्रमित किया, जिससे शहद उत्पादन में उल्लेखनीय कमी और कॉलोनी के स्वास्थ्य पर असर पड़ा।
राज्य सरकार ने स्थिति पर निगरानी रखने के लिए एक कार्यदल गठित किया है और मुफ्त निदान किट व स्वच्छता तथा फेरोमोन ट्रैप के उपयोग पर प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि त्वरित नियंत्रण न किया गया तो आर्थिक नुकसान शहद बाजार और छोटे पैमाने के मधुमक्खी पालकों के जीवनयापन पर और भी गहरा असर डाल सकता है।
जिले के कृषि कार्यालय के अनुसार, इस कीट ने 1,200 से अधिक छत्तों को संक्रमित किया, जिससे शहद उत्पादन में उल्लेखनीय कमी और कॉलोनी के स्वास्थ्य पर असर पड़ा।
राज्य सरकार ने स्थिति पर निगरानी रखने के लिए एक कार्यदल गठित किया है और मुफ्त निदान किट व स्वच्छता तथा फेरोमोन ट्रैप के उपयोग पर प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि त्वरित नियंत्रण न किया गया तो आर्थिक नुकसान शहद बाजार और छोटे पैमाने के मधुमक्खी पालकों के जीवनयापन पर और भी गहरा असर डाल सकता है।