📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Railways
राजनीति
हरियाणा ने सीएम मीटिंग निर्णयों की प्रगति पर नज़र रखने के लिए SOP जारी किया
✍️ Hindustan Times
🗓 10 सित. 2026, 11:03 AM
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हरियाणा सरकार ने सीएम बैठकों में लिए गए निर्णयों की कार्यान्वयन पर नजर रखने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की, जिससे जवाबदेही बढ़ेगी।
नई दिल्ली — हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री बैठकों में लिए गए निर्णयों की प्रगति को व्यवस्थित रूप से ट्रैक करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। इस दस्तावेज़ में विभागीय अधिकारियों की स्पष्ट जिम्मेदारियां, रिपोर्टिंग की समयसीमा और एक डिजिटल डैशबोर्ड का उल्लेख है, जिसे साप्ताहिक रूप से अपडेट किया जाएगा।
राज्य के कर्मचारी एवं प्रशिक्षण विभाग के अनुसार, इस SOP को सभी मंत्रालयों में लागू किया जाएगा और प्रत्येक विभाग को मुख्यमंत्री बैठक के बाद दस दिनों के भीतर लंबित कार्यों की स्थिति रिपोर्ट जमा करनी होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी इन रिपोर्टों को संकलित करके कैबिनेट को सारांश रूप में प्रस्तुत करेंगे।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने, नीतियों के कार्यान्वयन में देरी को कम करने और मुख्यमंत्री को प्रमुख पहलों की वास्तविक‑समय स्थिति प्रदान करने के लिए है। SOP का कार्यान्वयन अक्टूबर के पहले सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है, और प्रक्रिया को परिष्कृत करने के लिए समय‑समय पर समीक्षा की जाएगी।
विपक्षी विधायक सहित कई हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, यह मानते हुए कि एक संरचित निगरानी तंत्र नौकरशाही की सुस्ती को कम कर राज्य में सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता को सुधार सकता है।
राज्य के कर्मचारी एवं प्रशिक्षण विभाग के अनुसार, इस SOP को सभी मंत्रालयों में लागू किया जाएगा और प्रत्येक विभाग को मुख्यमंत्री बैठक के बाद दस दिनों के भीतर लंबित कार्यों की स्थिति रिपोर्ट जमा करनी होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी इन रिपोर्टों को संकलित करके कैबिनेट को सारांश रूप में प्रस्तुत करेंगे।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने, नीतियों के कार्यान्वयन में देरी को कम करने और मुख्यमंत्री को प्रमुख पहलों की वास्तविक‑समय स्थिति प्रदान करने के लिए है। SOP का कार्यान्वयन अक्टूबर के पहले सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है, और प्रक्रिया को परिष्कृत करने के लिए समय‑समय पर समीक्षा की जाएगी।
विपक्षी विधायक सहित कई हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, यह मानते हुए कि एक संरचित निगरानी तंत्र नौकरशाही की सुस्ती को कम कर राज्य में सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता को सुधार सकता है।