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हजारीबाग नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: लाखों का किराया बकाया, दो म्युनिसिपल दुकानें सील
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हजारीबाग नगर निगम ने मटवारी म्युनिसिपल शॉप की दो दुकानों को लाखों रुपये के बकाया किराए के कारण सील कर दिया है। निगम ने 20 हजार से अधिक बकायेदारों को 15 दिन में भुगतान करने का अल्टीमेटम दिया है।
हजारीबाग नगर निगम ने शहरी क्षेत्र में म्युनिसिपल दुकानों का बकाया किराया नहीं चुकाने वाले बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। नगर आयुक्त के निर्देशानुसार, उप नगर आयुक्त ज्योति कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष अभियान चलाकर मटवारी स्थित म्युनिसिपल शॉप की दो दुकानों को विधिवत सील कर दिया गया। इन दोनों दुकानों पर वर्षों से लाखों रुपये का किराया बकाया चल रहा था।
सील की गई दुकानों में दुकान संख्या 05, जो विजय प्रसाद के नाम आवंटित थी, पर 5 वर्षों से अधिक समय से ₹1,15,000/- से अधिक का किराया बकाया था। वहीं, दुकान संख्या 23, जो निशा सिंह के नाम आवंटित थी, पर 8 वर्षों से अधिक समय से ₹1,50,000/- से अधिक की राशि बकाया थी। बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद भुगतान न होने पर निगम प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
उप नगर आयुक्त ज्योति कुमार सिंह ने चेतावनी दी है कि जिन आवंटियों पर ₹20,000/- से अधिक की राशि बकाया है, वे 15 दिनों के भीतर अपना बकाया जमा कराएं। निर्धारित समय-सीमा के भीतर भुगतान न करने पर आगामी 15 दिनों के बाद उनके खिलाफ भी सीलिंग की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम नोटिस के बाद भी बकाया राशि जमा न करने पर दुकान सील कर दी जाएगी और सील होने के एक सप्ताह के भीतर आवंटन स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत दुकानों की पुनः लीज की जाएगी। इस कार्रवाई से अन्य डिफॉल्टर दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।
सील की गई दुकानों में दुकान संख्या 05, जो विजय प्रसाद के नाम आवंटित थी, पर 5 वर्षों से अधिक समय से ₹1,15,000/- से अधिक का किराया बकाया था। वहीं, दुकान संख्या 23, जो निशा सिंह के नाम आवंटित थी, पर 8 वर्षों से अधिक समय से ₹1,50,000/- से अधिक की राशि बकाया थी। बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद भुगतान न होने पर निगम प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
उप नगर आयुक्त ज्योति कुमार सिंह ने चेतावनी दी है कि जिन आवंटियों पर ₹20,000/- से अधिक की राशि बकाया है, वे 15 दिनों के भीतर अपना बकाया जमा कराएं। निर्धारित समय-सीमा के भीतर भुगतान न करने पर आगामी 15 दिनों के बाद उनके खिलाफ भी सीलिंग की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम नोटिस के बाद भी बकाया राशि जमा न करने पर दुकान सील कर दी जाएगी और सील होने के एक सप्ताह के भीतर आवंटन स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत दुकानों की पुनः लीज की जाएगी। इस कार्रवाई से अन्य डिफॉल्टर दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।