📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
गुर्दीप मेहंदी कहते हैं पंजाबी संगीत सिर्फ ऊर्जा या ऊँची आवाज़ तक सीमित नहीं
✍️ The Times of India
🗓 12 अक्टू. 2026, 04:02 AM
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गुर्दीप मेहंदी ने कहा कि पंजाबी गायकत्व केवल तेज़ ऊर्जा या ऊँची आवाज़ तक सीमित नहीं है।
गुर्दीप मेहंदी, पंजाबी बांगड़ा के दिग्गज दालर मेहंदी के छोटे बेटे, ने हाल ही में पंजाबी संगीत की बदलती दिशा पर अपना विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस शैली को केवल तेज़ ऊर्जा वाले मंच प्रदर्शन या ऊँची आवाज़ तक सीमित नहीं किया जा सकता।
गायक के अनुसार, आज के पंजाबी गाने भावनात्मक विविधता को दर्शाते हैं—सोलफुल बॉलड से लेकर सामाजिक मुद्दों पर आधारित गीतों तक। वह मानते हैं कि केवल ताल और उच्च स्वर पर ध्यान देना भाषा की समृद्ध कहानी कहने की परम्परा को अनदेखा करता है।
गुर्दीप, जो अपने संगीत करियर में नई पहचान बना रहे हैं, ने कहा कि वे अपने आगामी प्रोजेक्ट्स में इन विभिन्न पहलुओं को शामिल करेंगे। इससे वह पंजाबी संस्कृति की गहराई को पार्टी एंथम की स्टीरियोटाइप से परे दिखाना चाहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दृष्टिकोण उन युवा पंजाबी कलाकारों के साथ मेल खाता है जो अपनी ध्वनि को विविध बनाते हुए भी उसकी मूल पहचान को बनाए रखना चाहते हैं।
गायक के अनुसार, आज के पंजाबी गाने भावनात्मक विविधता को दर्शाते हैं—सोलफुल बॉलड से लेकर सामाजिक मुद्दों पर आधारित गीतों तक। वह मानते हैं कि केवल ताल और उच्च स्वर पर ध्यान देना भाषा की समृद्ध कहानी कहने की परम्परा को अनदेखा करता है।
गुर्दीप, जो अपने संगीत करियर में नई पहचान बना रहे हैं, ने कहा कि वे अपने आगामी प्रोजेक्ट्स में इन विभिन्न पहलुओं को शामिल करेंगे। इससे वह पंजाबी संस्कृति की गहराई को पार्टी एंथम की स्टीरियोटाइप से परे दिखाना चाहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दृष्टिकोण उन युवा पंजाबी कलाकारों के साथ मेल खाता है जो अपनी ध्वनि को विविध बनाते हुए भी उसकी मूल पहचान को बनाए रखना चाहते हैं।