📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
खेल
गुम्पे रीमे बनें भारतीय सुपर लीग में पहला अरुणाचली कोच
✍️ Northeast Today
🗓 28 अग. 2026, 03:05 PM
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पूर्व खिलाड़ी गुम्पे रीमे को भारतीय सुपर लीग में हेड कोच नियुक्त किया गया, जिससे वह अरुणाचल प्रदेश के पहले कोच बनते हैं।
अरुणाचल प्रदेश के पूर्व पेशेवर फुटबॉलर गुम्पे रीमे को भारतीय सुपर लीग (आईएसएल) की किसी टीम के हेड कोच के रूप में नियुक्त किया गया है, जिससे राज्य के लिए यह एक ऐतिहासिक पहला कदम बन गया है। क्लब ने सोमवार को इस नियुक्ति की घोषणा की, जिसमें रीमे के घरेलू फुटबॉल में व्यापक अनुभव और रणनीतिक कौशल को उजागर किया गया।
हिमालयी पहाड़ों से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक रीमे की यात्रा, उत्तरपूर्वी भारत के बढ़ते फुटबॉल टैलेंट का प्रतीक है। उन्होंने पहले कई आई‑लीग क्लबों के लिए खेला है और उत्तरपूर्व में युवा विकास कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को सशक्त बनाने में उनका योगदान सराहनीय रहा है।
आईएसएल, जो भारत का प्रमुख फुटबॉल प्रतियोगिता है, में हाल के वर्षों में उत्तरपूर्वी राज्यों की उपस्थिति बढ़ी है, परन्तु अरुणाचल प्रदेश से कोच का चयन पहली बार हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य के युवा फुटबॉलरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है और कोचिंग बुनियादी ढाँचे तथा ग्रासरूट पहल में निवेश को बढ़ावा देगा।
क्लब ने अनुबंध की शर्तों का विस्तार नहीं बताया, परन्तु रीमे को आगामी सीज़न से पहले टीम की तैयारी का नेतृत्व करने की उम्मीद है, जिससे टीम की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति में सुधार हो सके।
स्थानीय अधिकारियों और प्रशंसकों ने इस नियुक्ति का स्वागत किया है, इसे राज्य के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानते हुए, और यह दर्शाते हुए कि दूरदराज के क्षेत्रों से भी प्रतिभा राष्ट्रीय स्तर पर पहुँच सकती है।
हिमालयी पहाड़ों से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक रीमे की यात्रा, उत्तरपूर्वी भारत के बढ़ते फुटबॉल टैलेंट का प्रतीक है। उन्होंने पहले कई आई‑लीग क्लबों के लिए खेला है और उत्तरपूर्व में युवा विकास कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को सशक्त बनाने में उनका योगदान सराहनीय रहा है।
आईएसएल, जो भारत का प्रमुख फुटबॉल प्रतियोगिता है, में हाल के वर्षों में उत्तरपूर्वी राज्यों की उपस्थिति बढ़ी है, परन्तु अरुणाचल प्रदेश से कोच का चयन पहली बार हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य के युवा फुटबॉलरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है और कोचिंग बुनियादी ढाँचे तथा ग्रासरूट पहल में निवेश को बढ़ावा देगा।
क्लब ने अनुबंध की शर्तों का विस्तार नहीं बताया, परन्तु रीमे को आगामी सीज़न से पहले टीम की तैयारी का नेतृत्व करने की उम्मीद है, जिससे टीम की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति में सुधार हो सके।
स्थानीय अधिकारियों और प्रशंसकों ने इस नियुक्ति का स्वागत किया है, इसे राज्य के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानते हुए, और यह दर्शाते हुए कि दूरदराज के क्षेत्रों से भी प्रतिभा राष्ट्रीय स्तर पर पहुँच सकती है।