📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
कृषि
गुजरात के गाँवों ने 1,177 वर्ग किमी से अधिक मैंग्रोव बनाकर तटीय सुरक्षा को मजबूत किया
✍️ TOI India
🗓 13 सित. 2026, 06:40 PM
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समुदाय‑संचालित रोपण कार्यक्रमों से गुजरात के मैंग्रोव क्षेत्र 2026 तक 1,177 वर्ग किमी से अधिक हो गया, जिससे तटीय सुरक्षा में बड़ा योगदान मिला।
गुजरात में मैंग्रोव क्षेत्र 1987 में 427 वर्ग किमी से बढ़कर 2026 में 1,177 वर्ग किमी से अधिक हो गया, जैसा कि टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है। इस वृद्धि को गांव स्तर पर सक्रिय भागीदारी और बड़े पैमाने पर शुरू किए गए रोपण अभियानों को श्रेय दिया गया है।
घने मैंग्रोव तट पर लहरों और कटाव से प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करते हैं, साथ ही समुद्री जैव विविधता को समृद्ध करते हैं और मछली पकड़ना व इको‑टूरिज़्म जैसे आजीविका के साधन भी देते हैं।
इस सफलता को देखते हुए राज्य सरकार ने इस मॉडल को राष्ट्रीय MISHTI (Mangrove Integrated Sustainable Habitat and Tourism Initiative) योजना में शामिल किया है, जिससे अन्य तटीय क्षेत्रों में भी गुजरात की सामुदायिक‑आधारित पद्धति को अपनाया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि गुजरात का अनुभव दिखाता है कि प्रकृति‑आधारित समाधान तटीय रक्षा के लिए किफायती बुनियादी ढांचा प्रदान कर सकते हैं, जिससे महंगे इंजीनियरिंग संरचनाओं पर निर्भरता कम होती है।
मैंग्रोव की निरंतर वृद्धि से तट की स्थिरता और राज्य के तटीय गांवों की सामाजिक‑आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ करने की उम्मीद है।
घने मैंग्रोव तट पर लहरों और कटाव से प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करते हैं, साथ ही समुद्री जैव विविधता को समृद्ध करते हैं और मछली पकड़ना व इको‑टूरिज़्म जैसे आजीविका के साधन भी देते हैं।
इस सफलता को देखते हुए राज्य सरकार ने इस मॉडल को राष्ट्रीय MISHTI (Mangrove Integrated Sustainable Habitat and Tourism Initiative) योजना में शामिल किया है, जिससे अन्य तटीय क्षेत्रों में भी गुजरात की सामुदायिक‑आधारित पद्धति को अपनाया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि गुजरात का अनुभव दिखाता है कि प्रकृति‑आधारित समाधान तटीय रक्षा के लिए किफायती बुनियादी ढांचा प्रदान कर सकते हैं, जिससे महंगे इंजीनियरिंग संरचनाओं पर निर्भरता कम होती है।
मैंग्रोव की निरंतर वृद्धि से तट की स्थिरता और राज्य के तटीय गांवों की सामाजिक‑आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ करने की उम्मीद है।