📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yash Kamal Gajjar
बिज़नेस
गुजरात चाय प्रोसेसर प्रियम पारीख ने कहा, सतत लाभ ही भविष्य की वृद्धि का मानक होगा
✍️ BW Disrupt
🗓 05 अक्टू. 2026, 12:31 PM
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गुजरात चाय प्रोसेसर के प्रियम पारीख ने बीडब्ल्यू डिसरप्ट में कहा कि सतत लाभ अब चाय उद्योग में पारंपरिक मात्रा‑आधारित वृद्धि मानकों को बदल देगा।
गुजरात चाय प्रोसेसर के वरिष्ठ कार्यकारी प्रियम पारीख ने बीडब्ल्यू डिसरप्ट सम्मेलन में कहा कि उद्योग की वृद्धि अब मात्र मात्रा से नहीं, बल्कि सतत लाभ से मापी जाएगी। उन्होंने बताया कि निवेशकों, नियामकों और उपभोक्ताओं की पर्यावरणीय और सामाजिक जिम्मेदारी की माँग बढ़ रही है, जिससे स्थिरता वित्तीय प्रदर्शन का मुख्य चालक बन रही है।
पारीख ने अपनी कंपनी द्वारा अपनाए गए कई कदमों का उल्लेख किया, जिनमें प्रसंस्करण संयंत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, कचरे को ऊर्जा में बदलने की परियोजनाएँ और चाय बागानों के लिए फेयर‑ट्रेड प्रमाणन शामिल हैं। ये उपाय न केवल कार्बन फुटप्रिंट घटाते हैं, बल्कि संचालन लागत कम करके और प्रीमियम बाजार खोलकर मार्जिन को भी बढ़ाते हैं।
कार्यकारी ने सभी भारतीय चाय निर्माताओं से अपील की कि वे अपने व्यापार मॉडल में स्थिरता को शामिल करें, क्योंकि पारंपरिक वृद्धि मानकों पर टिके रहने वाले कंपनियों को बाजार में प्रासंगिकता खोने का जोखिम है। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि सतत लाभ जल्द ही चाय उद्योग की सफलता का प्रमुख संकेतक बन जाएगा।
पारीख ने अपनी कंपनी द्वारा अपनाए गए कई कदमों का उल्लेख किया, जिनमें प्रसंस्करण संयंत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, कचरे को ऊर्जा में बदलने की परियोजनाएँ और चाय बागानों के लिए फेयर‑ट्रेड प्रमाणन शामिल हैं। ये उपाय न केवल कार्बन फुटप्रिंट घटाते हैं, बल्कि संचालन लागत कम करके और प्रीमियम बाजार खोलकर मार्जिन को भी बढ़ाते हैं।
कार्यकारी ने सभी भारतीय चाय निर्माताओं से अपील की कि वे अपने व्यापार मॉडल में स्थिरता को शामिल करें, क्योंकि पारंपरिक वृद्धि मानकों पर टिके रहने वाले कंपनियों को बाजार में प्रासंगिकता खोने का जोखिम है। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि सतत लाभ जल्द ही चाय उद्योग की सफलता का प्रमुख संकेतक बन जाएगा।