📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Daniel Case
यात्रा
गुजरात ने शुरू किए ग्लास‑रूफ टूरिस्ट बसें
✍️ NDTV
🗓 02 नव. 2026, 09:01 PM
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गुजरात पर्यटन विभाग ने दर्शनीय स्थलों के लिए ग्लास‑रूफ वाली टूरिस्ट बसें शुरू की हैं, जिससे नई दृष्टि से यात्रा संभव होगी।
गुजरात पर्यटन विभाग ने राज्य भर में दर्शनीय स्थलों के लिए ग्लास‑रूफ वाली टूरिस्ट बसों का परिचय कराया है। पारदर्शी छत यात्रियों को ऐतिहासिक धरोहर, प्राकृतिक दृश्य और प्रमुख आकर्षणों को खुली हवा में देखे बिना आरामदायक यात्रा का अनुभव देती है।
इन बसों को प्रमुख पर्यटन मार्गों पर तैनात किया जाएगा, जिससे विद्यमान Vista Dome ट्रेनों के विकल्प के रूप में नई यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यात्रा विकल्पों को विविध बनाने की दिशा में है।
पर्यटन संचालकों को शेड्यूल और किराया संरचना के बारे में जानकारी दी गई है, और मौसम की स्थिति के अनुसार ये बसें साल भर चलने की संभावना है। यह पहल गुजरात की पर्यटन बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और उसके सांस्कृतिक‑प्राकृतिक सौंदर्य को उजागर करने के प्रयास को दर्शाती है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लास‑रूफ बसें अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती हैं, जो अपने दर्शनीय यात्रा सेवाओं को उन्नत करना चाहते हैं। इस सेवा की सफलता को यात्रियों की प्रतिक्रिया और संचालन की दक्षता के आधार पर मापा जाएगा।
पर्यटन विभाग ने यात्रियों से फीडबैक मांगा है, जिससे भविष्य में पर्यटन विकास के लिए डेटा‑आधारित सुधार संभव हो सके।
इन बसों को प्रमुख पर्यटन मार्गों पर तैनात किया जाएगा, जिससे विद्यमान Vista Dome ट्रेनों के विकल्प के रूप में नई यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यात्रा विकल्पों को विविध बनाने की दिशा में है।
पर्यटन संचालकों को शेड्यूल और किराया संरचना के बारे में जानकारी दी गई है, और मौसम की स्थिति के अनुसार ये बसें साल भर चलने की संभावना है। यह पहल गुजरात की पर्यटन बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और उसके सांस्कृतिक‑प्राकृतिक सौंदर्य को उजागर करने के प्रयास को दर्शाती है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लास‑रूफ बसें अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती हैं, जो अपने दर्शनीय यात्रा सेवाओं को उन्नत करना चाहते हैं। इस सेवा की सफलता को यात्रियों की प्रतिक्रिया और संचालन की दक्षता के आधार पर मापा जाएगा।
पर्यटन विभाग ने यात्रियों से फीडबैक मांगा है, जिससे भविष्य में पर्यटन विकास के लिए डेटा‑आधारित सुधार संभव हो सके।