📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / NehalDaveND
खानपान
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में श्रमिक अन्नपूर्णा भोजन केंद्रों का उद्घाटन किया
✍️ DD India
🗓 16 अक्टू. 2026, 02:32 PM
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में श्रमिक अन्नपूर्णा भोजन केंद्रों का उद्घाटन किया, जो कामगारों को सस्ती भोजन सुविधा प्रदान करने की सरकारी योजना है।
अहमदाबाद में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने श्रमिक अन्नपूर्णा भोजन केंद्रों का औपचारिक उद्घाटन किया। यह केंद्र राज्य द्वारा चलाए जा रहे एक योजना के तहत स्थापित किए गए हैं, जिसका उद्देश्य दैनिक वेतन वाले श्रमिकों और अन्य कमजोर वर्गों को कम लागत में पोषक भोजन उपलब्ध कराना है।
इस पहल का लक्ष्य कामगारों में खाद्य असुरक्षा को कम करना है, जिसके लिए रसोई सुविधाएँ स्थापित की गई हैं जहाँ सब्सिडी दर पर भोजन परोसा जाएगा। केंद्रों की संचालन लागत का एक हिस्सा सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा, जबकि शेष भाग उपयोगकर्ताओं द्वारा न्यूनतम शुल्क के रूप में लिया जाएगा।
उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने सामाजिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया और कहा कि यदि अहमदाबाद में यह प्रयोग सफल रहा तो योजना को अन्य जिलों में भी विस्तारित किया जाएगा।
नए केंद्र औद्योगिक क्षेत्रों और परिवहन हब के निकट स्थित हैं, जिससे लक्षित लाभार्थियों को आसानी से पहुंच मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि गुणवत्ता और किफायती कीमतें बनाए रखने के लिए इस योजना की कड़ी निगरानी की जाएगी।
यह कदम गुजरात की व्यापक सामाजिक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसे क्षेत्रों में चल रही अन्य योजनाओं के साथ मिलकर कम आय वर्ग के लिए सुरक्षा जाल को मजबूत करता है।
इस पहल का लक्ष्य कामगारों में खाद्य असुरक्षा को कम करना है, जिसके लिए रसोई सुविधाएँ स्थापित की गई हैं जहाँ सब्सिडी दर पर भोजन परोसा जाएगा। केंद्रों की संचालन लागत का एक हिस्सा सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा, जबकि शेष भाग उपयोगकर्ताओं द्वारा न्यूनतम शुल्क के रूप में लिया जाएगा।
उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने सामाजिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया और कहा कि यदि अहमदाबाद में यह प्रयोग सफल रहा तो योजना को अन्य जिलों में भी विस्तारित किया जाएगा।
नए केंद्र औद्योगिक क्षेत्रों और परिवहन हब के निकट स्थित हैं, जिससे लक्षित लाभार्थियों को आसानी से पहुंच मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि गुणवत्ता और किफायती कीमतें बनाए रखने के लिए इस योजना की कड़ी निगरानी की जाएगी।
यह कदम गुजरात की व्यापक सामाजिक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसे क्षेत्रों में चल रही अन्य योजनाओं के साथ मिलकर कम आय वर्ग के लिए सुरक्षा जाल को मजबूत करता है।