📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rohit2301
मौसम
डेल्ही‑एनसीआर में GRAP चरण I लागू, नागरिकों पर नई पाबंदियाँ
✍️ The Indian Express
🗓 22 अक्टू. 2026, 05:18 AM
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डेल्ही‑एनसीआर में GRAP चरण I लागू होने से जल‑उपयोग, निर्माण कार्य और यातायात पर नई पाबंदियाँ लगाई गई हैं, जिससे प्रदूषण नियंत्रण और संसाधन प्रबंधन में मदद मिलेगी।
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ मिलकर मंगलवार को घोषणा की कि GRAP चरण I अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू है। यह कदम शहर में बढ़ती जल‑कमी और गर्मियों के दौरान वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नए नियमों के तहत प्रत्येक घर को प्रतिदिन अधिकतम 100 लीटर पानी की आपूर्ति की जाएगी, और गैर‑आवश्यक निर्माण कार्य को आगे की सूचना तक रोक दिया गया है। भारी वाहन को 9 बजे से 5 बजे के बीच केंद्रीय व्यापारिक क्षेत्रों में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया गया है, तथा प्रमुख राजमार्गों पर रात 8 बजे के बाद अस्थायी यातायात प्रतिबंध लागू होगा।
प्राधिकरण का कहना है कि ये प्रतिबंध जल नेटवर्क पर दबाव कम करने, निर्माण स्थलों से धूल‑धुंध और उत्सर्जन घटाने, तथा समग्र पर्यावरणीय स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक हैं। दो हफ्ते बाद इस चरण की समीक्षा की जाएगी और अनुपालन व वायु‑गुणवत्ता डेटा के आधार पर इसे बढ़ाया या घटाया जा सकता है।
निवासियों से अनुरोध है कि वे पानी की बचत करें, गैर‑आवश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करें। प्रश्नों और उल्लंघन की रिपोर्ट के लिए एक हेल्पलाइन (1800‑123‑4567) स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से जुर्माना या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार ने बताया कि ये उपाय अस्थायी हैं लेकिन आवश्यक हैं, और आधिकारिक चैनलों तथा द इंडियन एक्सप्रेस के माध्यम से नियमित सार्वजनिक अपडेट प्रदान किए जाएंगे।
नए नियमों के तहत प्रत्येक घर को प्रतिदिन अधिकतम 100 लीटर पानी की आपूर्ति की जाएगी, और गैर‑आवश्यक निर्माण कार्य को आगे की सूचना तक रोक दिया गया है। भारी वाहन को 9 बजे से 5 बजे के बीच केंद्रीय व्यापारिक क्षेत्रों में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया गया है, तथा प्रमुख राजमार्गों पर रात 8 बजे के बाद अस्थायी यातायात प्रतिबंध लागू होगा।
प्राधिकरण का कहना है कि ये प्रतिबंध जल नेटवर्क पर दबाव कम करने, निर्माण स्थलों से धूल‑धुंध और उत्सर्जन घटाने, तथा समग्र पर्यावरणीय स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक हैं। दो हफ्ते बाद इस चरण की समीक्षा की जाएगी और अनुपालन व वायु‑गुणवत्ता डेटा के आधार पर इसे बढ़ाया या घटाया जा सकता है।
निवासियों से अनुरोध है कि वे पानी की बचत करें, गैर‑आवश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करें। प्रश्नों और उल्लंघन की रिपोर्ट के लिए एक हेल्पलाइन (1800‑123‑4567) स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से जुर्माना या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार ने बताया कि ये उपाय अस्थायी हैं लेकिन आवश्यक हैं, और आधिकारिक चैनलों तथा द इंडियन एक्सप्रेस के माध्यम से नियमित सार्वजनिक अपडेट प्रदान किए जाएंगे।