📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Manu Kaushish
मनोरंजन
2026 के ग्रैमी विजेता आमान और आयान अली बंगाश ने नींद व स्मृति के लिए संगीत पर चर्चा
✍️ ETV Bharat
🗓 26 अग. 2026, 03:33 AM
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ग्रैमी विजेता सरोद वादक आमान और आयान अली बंगाश ने बताया कि वे नींद और स्मृति को बेहतर बनाने के लिए संगीत कैसे बनाते हैं।
प्रसिद्ध भारतीय सरोद वादक आमान और आयान अली बंगाश, जिन्होंने 2026 में दो ग्रैमी पुरस्कार जीते, ने ईटीवी भारत के साथ अपने संगीत के चिकित्सीय पहलू पर चर्चा की। दोनों ने बताया कि उनका नया प्रोजेक्ट उन श्रोताओं के लिए है जो गहरी नींद और बेहतर स्मृति चाहते हैं।
साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि वे रागों, धीमी ताल और कोमल ड्रोन्स का उपयोग करके ऐसे ध्वनि‑परिदृश्य बनाते हैं जो मस्तिष्क की थेटा और अल्फा तरंगों के साथ तालमेल रखते हैं, जिससे विश्राम और स्मृति को सुदृढ़ किया जा सके।
परम्परागत शास्त्रीय संगीत को संरक्षित रखने के साथ-साथ नई संभावनाओं की खोज में बंगाश भाई वैज्ञानिकों और वेलनेस प्लेटफ़ॉर्म के साथ सहयोग की योजना बना रहे हैं, जिससे भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक उपचारात्मक संदर्भ में स्थापित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि संगीत कला और विज्ञान के बीच सेतु का काम करता है और आशा है कि उनका काम श्रोताओं और संगीतकारों को रागों की कार्यात्मक संभावनाओं पर पुनः विचार करने के लिए प्रेरित करेगा।
साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि वे रागों, धीमी ताल और कोमल ड्रोन्स का उपयोग करके ऐसे ध्वनि‑परिदृश्य बनाते हैं जो मस्तिष्क की थेटा और अल्फा तरंगों के साथ तालमेल रखते हैं, जिससे विश्राम और स्मृति को सुदृढ़ किया जा सके।
परम्परागत शास्त्रीय संगीत को संरक्षित रखने के साथ-साथ नई संभावनाओं की खोज में बंगाश भाई वैज्ञानिकों और वेलनेस प्लेटफ़ॉर्म के साथ सहयोग की योजना बना रहे हैं, जिससे भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक उपचारात्मक संदर्भ में स्थापित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि संगीत कला और विज्ञान के बीच सेतु का काम करता है और आशा है कि उनका काम श्रोताओं और संगीतकारों को रागों की कार्यात्मक संभावनाओं पर पुनः विचार करने के लिए प्रेरित करेगा।