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शिक्षा
विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स की स्क्रीनिंग टेस्ट में मानक नहीं घटेंगे, सरकार का दृढ़ बयान
✍️ Indian Express
🗓 27 अग. 2026, 05:18 AM
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स की स्क्रीनिंग परीक्षा के मानक अपरिवर्तित रहेंगे, मानकों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
नई दिल्ली – विदेश में प्राप्त मेडिकल डिग्री वाले डॉक्टरों के लिए निर्धारित स्क्रीनिंग टेस्ट के मानकों को कम नहीं किया जाएगा, यह सरकार ने स्पष्ट किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मानकों में कोई ढील मरीजों की सुरक्षा को खतरे में डाल देगी।
यह स्क्रीनिंग परीक्षा, जिसे नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) संचालित करता है, विदेश में पढ़े डॉक्टरों को भारत में प्रैक्टिस करने के लिए अनिवार्य है। परीक्षा में क्लिनिकल ज्ञान, नैतिक मानदंड और भारतीय मेडिकल प्रोटोकॉल की समझ का मूल्यांकन किया जाता है, और इसकी कठोरता पहले जैसी ही रहेगी।
चिकित्सा संगठनों ने इस सख्त रुख का स्वागत किया, क्योंकि यह भारतीय डॉक्टरों के साथ समान स्तर सुनिश्चित करता है और रोगी सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। सरकार ने कहा कि प्रक्रिया में किसी भी समस्या को दूर करने के लिए निरंतर निगरानी जारी रहेगी, पर मानकों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
यह स्क्रीनिंग परीक्षा, जिसे नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) संचालित करता है, विदेश में पढ़े डॉक्टरों को भारत में प्रैक्टिस करने के लिए अनिवार्य है। परीक्षा में क्लिनिकल ज्ञान, नैतिक मानदंड और भारतीय मेडिकल प्रोटोकॉल की समझ का मूल्यांकन किया जाता है, और इसकी कठोरता पहले जैसी ही रहेगी।
चिकित्सा संगठनों ने इस सख्त रुख का स्वागत किया, क्योंकि यह भारतीय डॉक्टरों के साथ समान स्तर सुनिश्चित करता है और रोगी सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। सरकार ने कहा कि प्रक्रिया में किसी भी समस्या को दूर करने के लिए निरंतर निगरानी जारी रहेगी, पर मानकों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।