📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kailash Mohankar
स्थानीय
11 सितंबर को पांढुर्णा में आयोजित होगा विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेला
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 03 सित. 2026, 05:02 PM
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300 साल पुरानी गोटमार मेला, जिसमें दो गाँवों के बीच पत्थर की होली होती है, 11 सितंबर को जाम नदी किनारे पांढुर्णा में आयोजित होगा।
पांढुर्णा, मध्य प्रदेश में 11 सितंबर को गोटमार मेला आयोजित होगा, जो 300 से अधिक वर्षों से चली आ रही परम्परा है। जाम नदी के किनारे दो पड़ोसी गाँवों के लोग पत्थर की होली के रूप में एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते हैं, जिसे स्थानीय लोग "खून की होली" कहते हैं।\n\nयह अनोखा मेला पूरे प्रदेश से दर्शकों को आकर्षित करता है। जबकि यह सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सराहा जाता है, स्थानीय प्राधिकरण भी भीड़ नियंत्रण और चोटों को कम करने के लिए सुरक्षा उपायों पर ध्यान देते रहे हैं।\n\nआयोजकों ने बताया है कि मेला निर्धारित समय पर शुरू होगा और सुरक्षा प्रोटोकॉल की कड़ी निगरानी की जाएगी। गोटमार मेला आज भी एक दुर्लभ जीवित परम्परा है, जो लोक खेल को अनुष्ठान के साथ जोड़ती है और आधुनिक समाज में इसके स्थान को लेकर चर्चा को जन्म देती है।