📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
धर्म
गुरु ग्रंथ साहिब के पहले प्रकाश पर्व पर अमृतसर का स्वर्ण मंदिर जगमगाया
✍️ Amar Ujala · Amritsar
🗓 13 सित. 2026, 04:34 PM
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अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को गुरु ग्रंथ साहिब के पहले प्रकाश पर्व पर रोशन किया गया, जिसके बाद शानदार आतिशबाजी हुई।
गुरु ग्रंथ साहिब के पहले प्रकाश पर्व पर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को रोशन किया गया, जिससे देशभर से भक्ति और पर्यटक आकर्षित हुए। समारोह की शुरुआत एक पारंपरिक परेड से हुई, जिसमें पवित्र ग्रंथ को मुख्य शरणस्थल तक पहुँचाया गया, जहाँ परंपरागत रूप से मोमबत्तियाँ जलाई गईं।
मोमबत्तियों के जलने के साथ ही सम्पूर्ण परिसर एक गर्म, सुनहरे प्रकाश में नहाया, जो आध्यात्मिक प्रबोधन का प्रतीक था। इसके बाद एक समन्वित आतिशबाजी कार्यक्रम हुआ, जिसने मंदिर के आंगन के ऊपर के आकाश को रोशन कर दिया और एक शानदार दृश्य प्रस्तुत किया।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता और सामाजिक सौहार्द को मनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। आतिशबाजी को अंतिम प्रार्थनाओं के साथ समन्वित किया गया, ताकि उत्सव मंदिर के पवित्र वातावरण का सम्मान करते हुए सम्पन्न हो।
आशा है कि यह प्रकाश पर्व एक वार्षिक परंपरा बनकर उभरेगा, जिससे अधिक तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकेगा और साथ ही मंदिर की आध्यात्मिक महत्ता बनी रहेगी।
मोमबत्तियों के जलने के साथ ही सम्पूर्ण परिसर एक गर्म, सुनहरे प्रकाश में नहाया, जो आध्यात्मिक प्रबोधन का प्रतीक था। इसके बाद एक समन्वित आतिशबाजी कार्यक्रम हुआ, जिसने मंदिर के आंगन के ऊपर के आकाश को रोशन कर दिया और एक शानदार दृश्य प्रस्तुत किया।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता और सामाजिक सौहार्द को मनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। आतिशबाजी को अंतिम प्रार्थनाओं के साथ समन्वित किया गया, ताकि उत्सव मंदिर के पवित्र वातावरण का सम्मान करते हुए सम्पन्न हो।
आशा है कि यह प्रकाश पर्व एक वार्षिक परंपरा बनकर उभरेगा, जिससे अधिक तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकेगा और साथ ही मंदिर की आध्यात्मिक महत्ता बनी रहेगी।