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07 नव. 2026•
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परिवार में कैंसर इतिहास से जीन जांच जरूरी, अगली पीढ़ी का जोखिम बढ़ा
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / User:Lightburst
स्वास्थ्य

परिवार में कैंसर इतिहास से जीन जांच जरूरी, अगली पीढ़ी का जोखिम बढ़ा

✍️ Amar Ujala 🗓 07 नव. 2026, 07:08 AM 👁 14
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विशेषज्ञों ने कहा, परिवार में कैंसर का इतिहास जानना और जीन जांच कराना बच्चों में विरासत जोखिम का आकलन कर सकता है।

भारत में चिकित्सा विशेषज्ञ परिवार में कैंसर का इतिहास रखने वाले लोगों को अपने बच्चों के लिए जीन परीक्षण कराने की सलाह दे रहे हैं। अनुसंधान से पता चलता है कि वंशानुगत उत्परिवर्तनों से अगली पीढ़ी में कैंसर का जोखिम काफी बढ़ सकता है। इन जीन मार्करों की शुरुआती पहचान से डॉक्टर लक्षित निगरानी और रोकथाम उपाय सुझा सकते हैं।

जीन काउंसलर विस्तृत पारिवारिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड और रक्त नमूना लेकर डीएनए विश्लेषण की सलाह देते हैं। परिणाम जोखिम स्तर को स्पष्ट करते हैं, जिससे व्यक्ति जीवनशैली और चिकित्सा संबंधी निर्णय सूझ‑बूझ से ले सकते हैं। यदि BRCA1 या BRCA2 जैसे उच्च‑जोखिम वाले जीन पाए जाते हैं, तो अधिक बार स्क्रीनिंग या रोकथामात्मक उपचार पर विचार किया जा सकता है।

स्वास्थ्य प्राधिकरण यह रेखांकित करते हैं कि जीन परीक्षण उपचार नहीं बल्कि जोखिम प्रबंधन का साधन है। वे सलाह देते हैं कि परीक्षण से पहले योग्य पेशेवरों से परामर्श लेकर जीन डेटा की गोपनीयता और परिवार की मनोवैज्ञानिक स्थिति का ध्यान रखा जाए।
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