📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / travelwayoflife
मौसम
मुंगेर में गंगा का जलस्तर बढ़ा, कृष्णा नगर गांव में बाढ़ का पानी
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 24 अग. 2026, 07:48 PM
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मुंगेर में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से निचले इलाकों में बाढ़ आई, खड़गपुर हवेली के कृष्णा नगर गांव में पानी भर गया और लोग छतों व सड़कों पर शरण ले रहे हैं।
गंगा का जलस्तर मुंगेर, बिहार में लगातार बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस रहा है। खड़गपुर हवेली के कृष्णा नगर गांव को अब पानी ने घेर लिया है, सड़क मार्ग कट गए हैं और कई परिवार छतों व मुख्य सड़कों पर शरण ले रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह से ही पानी घरों और सड़कों में प्रवेश कर गया, जिससे कई लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित होना पड़ा। आपातकालीन स्वयंसेवकों ने सूखे कंबल और बोतलबंद पानी वितरित किया है, जबकि अधिकारी नदी के स्तर को लगातार निगरानी में रख रहे हैं।
अभी तक कोई आधिकारिक मौत या घायल होने की सूचना नहीं मिली है, परंतु जलस्तर घटने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, जिससे स्थिति अस्थिर बनी हुई है। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और किसी भी निकासी निर्देश का पालन करने की अपील की है।
बाढ़ कई लगातार बारिशों के बाद आई है, जिसने बिहार के कई जिलों में गंगा के प्रवाह को बढ़ा दिया है, और राज्य आपदा प्रबंधन टीम को उच्च सतर्कता पर रखा है।
प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन जारी है और राहत कार्यों का समन्वय किया जा रहा है, जब तक नदी का स्तर स्थिर नहीं हो जाता, तब तक समुदाय के सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह से ही पानी घरों और सड़कों में प्रवेश कर गया, जिससे कई लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित होना पड़ा। आपातकालीन स्वयंसेवकों ने सूखे कंबल और बोतलबंद पानी वितरित किया है, जबकि अधिकारी नदी के स्तर को लगातार निगरानी में रख रहे हैं।
अभी तक कोई आधिकारिक मौत या घायल होने की सूचना नहीं मिली है, परंतु जलस्तर घटने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, जिससे स्थिति अस्थिर बनी हुई है। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और किसी भी निकासी निर्देश का पालन करने की अपील की है।
बाढ़ कई लगातार बारिशों के बाद आई है, जिसने बिहार के कई जिलों में गंगा के प्रवाह को बढ़ा दिया है, और राज्य आपदा प्रबंधन टीम को उच्च सतर्कता पर रखा है।
प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन जारी है और राहत कार्यों का समन्वय किया जा रहा है, जब तक नदी का स्तर स्थिर नहीं हो जाता, तब तक समुदाय के सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया है।