स्थानीय
गंडक में जलप्रवाह बढ़ते ही बिहार में अलर्ट, संबंधित जिलों को राहत तैयारी पूरी करने के निर्देश
यहाँ देखें:
▶️ YouTube
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन, जारी हुई सतर्कता संबंधी चेतावनी
नेपाल के गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति उत्पन्न होने और नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की संभावना को देखते हुए बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इस सतर्कता के तहत मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस पदाधिकारी/ पुलिस अधीक्षक आदि शामिल हुए। इस दौरान संभावित बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित जिलों को सतर्क रहने, आवश्यक बचाव एवं राहत तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मुख्य रूप से पश्चिमी चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त सीतामढ़ी, शिवहर एवं अन्य संवेदनशील जिलों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। सभी जिलाधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने एवं स्थानीय समुदाय को समय पर अलर्ट करने के लिए कहा गया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जल संसाधन विभाग को गंडक बैराज के सभी गेटों एवं उससे जुड़े नहरों में पानी प्रवाहित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपलब्ध जलप्रवाह का सुरक्षित एवं प्रभावी प्रबंधन किया जा सके। संबंधित जल संसाधन पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने एवं तटबंधों सहित जल संसाधन संरचनाओं की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग की मानें तो संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के अतिरिक्त संसाधनों की मूवमेंट सुनिश्चित की जा रही है। गोपालगंज के लिए एक एनडीआरएफ टीम भेजने के निर्देश दिए गए हैं और एक एनडीआरएफ टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त बेतिया में भी एनडीआरएफ टीम की मूवमेंट/तैनाती सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एसएसबी डीआईजी ने भी आवश्यकतानुसार क्यूआरटी एवं अन्य संभावित सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है, जो बेतिया में उपलब्ध रहेगा।
इसी के साथ सभी संबंधित जिलाधिकारियों को संभावित प्रभावित आबादी के लिए इवैक्युएशन प्लान, पर्याप्त नावों की व्यवस्था, सामुदायिक किचन, शेल्टर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचाने की पूरी तैयारी रखने को कहा गया है।
इधर, गंडक नदी में बढ़े जल प्रवाह की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की घबराहट या पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक संसाधनों एवं बचाव दलों को अग्रिम रूप से तैयार किया जा रहा है। इस दिशा में सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन मीडिया ब्रीफिंग करने और सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना अथवा अफवाह के प्रसार को रोका जा सके।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मुख्य रूप से पश्चिमी चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त सीतामढ़ी, शिवहर एवं अन्य संवेदनशील जिलों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। सभी जिलाधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने एवं स्थानीय समुदाय को समय पर अलर्ट करने के लिए कहा गया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जल संसाधन विभाग को गंडक बैराज के सभी गेटों एवं उससे जुड़े नहरों में पानी प्रवाहित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपलब्ध जलप्रवाह का सुरक्षित एवं प्रभावी प्रबंधन किया जा सके। संबंधित जल संसाधन पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने एवं तटबंधों सहित जल संसाधन संरचनाओं की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग की मानें तो संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के अतिरिक्त संसाधनों की मूवमेंट सुनिश्चित की जा रही है। गोपालगंज के लिए एक एनडीआरएफ टीम भेजने के निर्देश दिए गए हैं और एक एनडीआरएफ टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त बेतिया में भी एनडीआरएफ टीम की मूवमेंट/तैनाती सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एसएसबी डीआईजी ने भी आवश्यकतानुसार क्यूआरटी एवं अन्य संभावित सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है, जो बेतिया में उपलब्ध रहेगा।
इसी के साथ सभी संबंधित जिलाधिकारियों को संभावित प्रभावित आबादी के लिए इवैक्युएशन प्लान, पर्याप्त नावों की व्यवस्था, सामुदायिक किचन, शेल्टर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचाने की पूरी तैयारी रखने को कहा गया है।
इधर, गंडक नदी में बढ़े जल प्रवाह की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की घबराहट या पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक संसाधनों एवं बचाव दलों को अग्रिम रूप से तैयार किया जा रहा है। इस दिशा में सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन मीडिया ब्रीफिंग करने और सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना अथवा अफवाह के प्रसार को रोका जा सके।