📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Hoshi roy
खेल
आईआईटी छोड़कर चेस में चमके राजस्थान के पहले एजीएम, उदयपुर को विश्व मानचित्र पर लाया
✍️ The Times of India
🗓 20 अग. 2026, 04:37 PM
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आईआईटी का सपना छोड़ कर सड़क पर रहने वाले इस युवा ने राजस्थान का पहला एजीएम बनकर उदयपुर को विश्व चेस मानचित्र पर लाया।
उदयपुर के एक युवक ने आईआईटी में प्रवेश का अवसर त्याग दिया, घर छोड़ दिया और अपने शतरंज के सपने को पूरा करने के लिए सड़कों पर रातें बिताईं। कठिनाइयों के बावजूद उसकी लगन ने उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त एजीएम का खिताब दिलवाया, जिससे वह राजस्थान का पहला एजीएम बन गया।
एजीएम का खिताब राज्य के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। शीर्ष स्तर के टूर्नामेंट में क्वालीफाई करने से उदयपुर को विश्व शतरंज मानचित्र पर स्थापित किया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शतरंज संगठनों और प्रेमियों का ध्यान आकर्षित हुआ है।
स्थानीय शतरंज क्लबों और स्कूलों में अब इस खिलाड़ी की कहानी से प्रेरित होकर रुचि में वृद्धि देखी जा रही है। अधिकारी कहते हैं कि यह उपलब्धि राजस्थान में कोचिंग और बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा दे सकती है।
व्यक्तिगत संघर्ष और दृढ़ता की कहानी के साथ, इस सफलता से क्षेत्र की शतरंज में स्थिति उन्नत होगी और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए प्रेरित किया जाएगा।
एजीएम का खिताब राज्य के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। शीर्ष स्तर के टूर्नामेंट में क्वालीफाई करने से उदयपुर को विश्व शतरंज मानचित्र पर स्थापित किया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शतरंज संगठनों और प्रेमियों का ध्यान आकर्षित हुआ है।
स्थानीय शतरंज क्लबों और स्कूलों में अब इस खिलाड़ी की कहानी से प्रेरित होकर रुचि में वृद्धि देखी जा रही है। अधिकारी कहते हैं कि यह उपलब्धि राजस्थान में कोचिंग और बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा दे सकती है।
व्यक्तिगत संघर्ष और दृढ़ता की कहानी के साथ, इस सफलता से क्षेत्र की शतरंज में स्थिति उन्नत होगी और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए प्रेरित किया जाएगा।