📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anna Soós Korànyi / Adam Cuerden
वायरल
फ़्रेंच महिला ने भारत के UPI भुगतान को सराहा: ‘₹20 की चाय, स्कैन करो और भुगतान करो’
✍️ Livemint
🗓 26 अग. 2026, 09:06 AM
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एक फ्रेंच पर्यटक की वीडियो, जिसमें उन्होंने भारत के UPI भुगतान को सराहा, वायरल हुई; वीडियो में बताया गया कि ₹20 की चाय को QR कोड स्कैन करके तुरंत भुगतान किया जा सकता है।
एक फ्रेंच पर्यटक द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया छोटा वीडियो भारत में बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में वह ₹20 की एक कप चाय का ऑर्डर देती हैं, व्यापारी के UPI QR कोड को स्कैन करती हैं और कुछ ही सेकंड में भुगतान पूरा कर देती हैं, साथ ही कहती हैं कि "बस स्कैन करो और भुगतान करो"। यह क्लिप इंस्टाग्राम और ट्विटर जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर साझा की गई, जहाँ इसे हजारों लाइक और टिप्पणी मिलीं।
यह वीडियो भारत के यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) की बढ़ती लोकप्रियता को उजागर करता है, जो सरकार‑समर्थित डिजिटल भुगतान प्रणाली है और अब दैनिक अरबों लेन‑देनों को संभालती है। स्मार्टफ़ोन और QR कोड के साथ इसका सहज एकीकरण कैफ़े, सड़क के स्टॉल और छोटे शहरों की दुकानों में नकद‑रहित भुगतान को आम बना रहा है, जिससे कम‑नकदी अर्थव्यवस्था की दिशा में भारत की पहल सुदृढ़ हो रही है।
भारतीय नेटिज़न्स ने उत्साहपूर्वक प्रतिक्रिया दी, UPI की सरलता की सराहना की और कहा कि विदेशी प्रशंसा इस प्रणाली की वैश्विक आकर्षण को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे वायरल क्षण भारत के फिनटेक इकोसिस्टम में भरोसा बढ़ाते हैं और पर्यटकों व स्थानीय लोगों दोनों में अपनाने की दर को और तेज़ कर सकते हैं।
यह वीडियो भारत के यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) की बढ़ती लोकप्रियता को उजागर करता है, जो सरकार‑समर्थित डिजिटल भुगतान प्रणाली है और अब दैनिक अरबों लेन‑देनों को संभालती है। स्मार्टफ़ोन और QR कोड के साथ इसका सहज एकीकरण कैफ़े, सड़क के स्टॉल और छोटे शहरों की दुकानों में नकद‑रहित भुगतान को आम बना रहा है, जिससे कम‑नकदी अर्थव्यवस्था की दिशा में भारत की पहल सुदृढ़ हो रही है।
भारतीय नेटिज़न्स ने उत्साहपूर्वक प्रतिक्रिया दी, UPI की सरलता की सराहना की और कहा कि विदेशी प्रशंसा इस प्रणाली की वैश्विक आकर्षण को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे वायरल क्षण भारत के फिनटेक इकोसिस्टम में भरोसा बढ़ाते हैं और पर्यटकों व स्थानीय लोगों दोनों में अपनाने की दर को और तेज़ कर सकते हैं।