📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / VitVit
अपराध
सतना के विट्स कॉलेज में संबंध न मानने पर छात्रा पर चार सहपाठियों ने हमला, 38 दिन बाद FIR दर्ज
✍️ Amar Ujala · Satna
🗓 13 सित. 2026, 06:01 PM
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सतना के विट्स कॉलेज की छात्रा ने एक लड़के के साथ संबंध न बनाने पर चार सहपाठियों द्वारा पीट-पीट कर मारपीट का सामना किया, 38 दिन बाद FIR दर्ज हुई।
सतना, मध्य प्रदेश – पुलिस ने विट्स कॉलेज की एक छात्रा के खिलाफ चार सहपाठियों द्वारा किए गए शारीरिक हमले की प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की है। यह शिकायत घटना के 38 दिन बाद दायर हुई, जिसमें बताया गया है कि छात्रा ने एक लड़के के साथ संबंध न बनाने पर उसे कॉलेज के एक सुनसान स्थान पर ले जाकर मारपीट की गई।
पीड़िता के अनुसार, हमलावरों ने न केवल उसे पीटा बल्कि इस हमले की वीडियो भी बनाई। वह कहती हैं कि यह हमला पूर्व नियोजित था और वीडियो का उद्देश्य उसे डराना था। यह घटना कैंपस के एक अपेक्षाकृत दूरस्थ क्षेत्र में हुई, जहाँ अन्य छात्र या स्टाफ मौजूद नहीं थे।
स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, चार आरोपी छात्रों से पूछताछ की जा रही है और शिकायत में उल्लेखित वीडियो साक्ष्य को इकट्ठा किया जा रहा है। FIR में मारपीट, आपराधिक डराना-धमकाना और पीड़िता की आयु को देखते हुए बाल यौन शोषण रोकथाम अधिनियम (POSCO) के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।
प्राधिकरण ने शैक्षणिक संस्थानों से कैंपस में सुरक्षा प्रोटोकॉल को सुदृढ़ करने और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या हिंसा की रिपोर्ट पर तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया है। यह मामला राज्य भर में कॉलेजों में लिंग‑आधारित हिंसा की चल रही चिंता को उजागर करता है।
पीड़िता के अनुसार, हमलावरों ने न केवल उसे पीटा बल्कि इस हमले की वीडियो भी बनाई। वह कहती हैं कि यह हमला पूर्व नियोजित था और वीडियो का उद्देश्य उसे डराना था। यह घटना कैंपस के एक अपेक्षाकृत दूरस्थ क्षेत्र में हुई, जहाँ अन्य छात्र या स्टाफ मौजूद नहीं थे।
स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, चार आरोपी छात्रों से पूछताछ की जा रही है और शिकायत में उल्लेखित वीडियो साक्ष्य को इकट्ठा किया जा रहा है। FIR में मारपीट, आपराधिक डराना-धमकाना और पीड़िता की आयु को देखते हुए बाल यौन शोषण रोकथाम अधिनियम (POSCO) के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।
प्राधिकरण ने शैक्षणिक संस्थानों से कैंपस में सुरक्षा प्रोटोकॉल को सुदृढ़ करने और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या हिंसा की रिपोर्ट पर तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया है। यह मामला राज्य भर में कॉलेजों में लिंग‑आधारित हिंसा की चल रही चिंता को उजागर करता है।