📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Paasikivi
राजनीति
बिहार में शराब प्रतिबंध के चलते चार शवयात्राएँ, स्थिति पर सवाल
✍️ India Today
🗓 12 सित. 2026, 12:03 PM
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बिहार में चार शवयात्राएँ आयोजित हुईं, जो राज्य के शराब प्रतिबंध की कड़वी सच्चाई को उजागर करती हैं।
बिहार, जो भारत का एकमात्र पूरी तरह से सूखा राज्य है, ने इस सप्ताह चार शवयात्राएँ देखी, जो उसकी कड़ी शराब प्रतिबंध नीति के मानवीय परिणामों की कड़वी याद दिलाती हैं। इन समारोहों में शोकाकुल परिवारों ने भाग लिया, जिससे राज्य भर में प्रतिबंध के व्यापक प्रभाव पर चर्चा तेज़ हुई है।
राज्य अधिकारियों का कहना है कि शराब प्रतिबंध का उद्देश्य नशे की लत को कम करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुधारना है, परन्तु हालिया शवयात्राओं ने इस नीति के वास्तविक परिणामों पर सवाल उठाए हैं। आलोचक तर्क देते हैं कि प्रतिबंध से अवैध शराब बाजार और अनपेक्षित मौतें बढ़ रही हैं।
स्थानीय नेताओं और नागरिक संगठनों ने अब प्रतिबंध के कार्यान्वयन की समीक्षा की मांग की है, और अधिकारियों से उन मूलभूत समस्याओं को सुलझाने का आग्रह किया है जो इन दुखद घटनाओं का कारण बन सकती हैं। बिहार अपनी सूखी स्थिति को बनाए रखते हुए इस मुद्दे पर नज़र रखेगा।
राज्य अधिकारियों का कहना है कि शराब प्रतिबंध का उद्देश्य नशे की लत को कम करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुधारना है, परन्तु हालिया शवयात्राओं ने इस नीति के वास्तविक परिणामों पर सवाल उठाए हैं। आलोचक तर्क देते हैं कि प्रतिबंध से अवैध शराब बाजार और अनपेक्षित मौतें बढ़ रही हैं।
स्थानीय नेताओं और नागरिक संगठनों ने अब प्रतिबंध के कार्यान्वयन की समीक्षा की मांग की है, और अधिकारियों से उन मूलभूत समस्याओं को सुलझाने का आग्रह किया है जो इन दुखद घटनाओं का कारण बन सकती हैं। बिहार अपनी सूखी स्थिति को बनाए रखते हुए इस मुद्दे पर नज़र रखेगा।