📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Food Processing Industries
अपराध
समस्तीपुर करपुरिग्राम में यौन उत्पीड़न केस में चार गिरफ्तार, चिराग पासवान ने कड़ी कार्रवाई की मांग
✍️ Amar Ujala · Darbhanga
🗓 24 सित. 2026, 06:15 PM
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समस्तीपुर के करपुरिग्राम में एक युवती के खिलाफ यौन उत्पीड़न का वीडियो वायरल होने के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस घटना को शर्मनाक कहा और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सभी संलिप्तों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
समस्तीपुर जिले के करपुरिग्राम में एक युवती के खिलाफ यौन उत्पीड़न का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गया, जिससे पूरे राज्य में गुस्सा और चिंता बढ़ी। इस क्लिप में पीड़िता को सार्वजनिक स्थान पर अत्याचार करते हुए दिखाया गया, जिससे तुरंत ही एक व्यापक जांच की मांग उठी।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्हें वीडियो की पहचान और पीड़िता के बयान के आधार पर पकड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है और जांच चल रही है।
गृह मंत्रालय के राज्य मंत्री चिराग पासवान ने इस घटना को "शर्मनाक" कहा और एक प्रेस ब्रीफ़िंग में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सभी संलिप्तों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने मामले को तेज़ी से न्यायालय में ले जाने और बिना किसी रियायत के सजा दिलाने की मांग की।
यह घटना बिहार में यौन हिंसा के खिलाफ क़ानूनों के कड़ाई से लागू करने की सार्वजनिक मांग को और तेज़ कर रही है। अधिकार समूह और स्थानीय नेता समान घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को बढ़ाने और जागरूकता अभियानों को चलाने की आवश्यकता पर बल दे रहे हैं।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्हें वीडियो की पहचान और पीड़िता के बयान के आधार पर पकड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है और जांच चल रही है।
गृह मंत्रालय के राज्य मंत्री चिराग पासवान ने इस घटना को "शर्मनाक" कहा और एक प्रेस ब्रीफ़िंग में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सभी संलिप्तों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने मामले को तेज़ी से न्यायालय में ले जाने और बिना किसी रियायत के सजा दिलाने की मांग की।
यह घटना बिहार में यौन हिंसा के खिलाफ क़ानूनों के कड़ाई से लागू करने की सार्वजनिक मांग को और तेज़ कर रही है। अधिकार समूह और स्थानीय नेता समान घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को बढ़ाने और जागरूकता अभियानों को चलाने की आवश्यकता पर बल दे रहे हैं।