📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nandikingsuk
राजनीति
पूर्व उत्तराखंड डीजी ने यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में छह सुधारों का प्रस्ताव रखा
✍️ The Indian Express
🗓 31 अक्टू. 2026, 07:33 PM
👁 23
पूर्व उत्तराखंड डीजी ने यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में छह प्रमुख सुधारों का प्रस्ताव दिया, जिससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और योग्यता‑आधारित हो सके।
पूर्व उत्तराखंड डीजी, जो राज्य के कानून‑प्रवर्तन क्षेत्र में एक प्रमुख व्यक्ति रहे हैं, ने हाल ही में यह राय व्यक्त की कि यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा को कैसे सुधार किया जा सकता है।
उन्होंने मीडिया को बताया कि चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और योग्यता‑आधारित बनाने के लिए छह प्रमुख सुधारों की आवश्यकता है, हालांकि उन्होंने प्रत्येक उपाय का विवरण नहीं दिया।
उप्सीसी की जटिलता और लंबाई पर लंबे समय से आलोचना हो रही है, और इस समय कई हितधारक परीक्षा को अधिक सुलभ और निष्पक्ष बनाने के लिए बदलावों का आह्वान कर रहे हैं।
यदि इन सुधारों को लागू किया जाता है, तो यह उम्मीदवारों द्वारा लगने वाले समय और संसाधनों को कम कर सकता है और साथ ही सिविल सर्विस में प्रवेश करने वाले उम्मीदवारों की गुणवत्ता को भी बेहतर बना सकता है।
उन्होंने मीडिया को बताया कि चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और योग्यता‑आधारित बनाने के लिए छह प्रमुख सुधारों की आवश्यकता है, हालांकि उन्होंने प्रत्येक उपाय का विवरण नहीं दिया।
उप्सीसी की जटिलता और लंबाई पर लंबे समय से आलोचना हो रही है, और इस समय कई हितधारक परीक्षा को अधिक सुलभ और निष्पक्ष बनाने के लिए बदलावों का आह्वान कर रहे हैं।
यदि इन सुधारों को लागू किया जाता है, तो यह उम्मीदवारों द्वारा लगने वाले समय और संसाधनों को कम कर सकता है और साथ ही सिविल सर्विस में प्रवेश करने वाले उम्मीदवारों की गुणवत्ता को भी बेहतर बना सकता है।