📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Alok Singh Oberoi
राजनीति
पूर्व नागालैंड मुख्यमंत्री डॉ. एस.सी. जामिर ने आरएसएस से नगा शांति प्रक्रिया को तेज करने का आग्रह किया
✍️ Nagaland Post
🗓 13 सित. 2026, 06:03 PM
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डॉ. एस.सी. जामिर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से नगा मुद्दे के लिये जल्दी समाधान हेतु अपना प्रभाव प्रयोग करने का आग्रह किया।
नागालैंड के अनुभवी राजनेता डॉ. एस.सी. जामिर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से नगा लोगों के लिये एक स्थायी राजनैतिक समाधान को तेज करने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। जामिर ने कहा कि आरएसएस के व्यापक नेटवर्क और नैतिक अधिकार का उपयोग करके वह भारतीय सरकार, नगा समूहों और नागरिक समाज के बीच अंतर को पाट सकता है। उन्होंने संगठन से सभी पक्षों के साथ सीधे संवाद करने और नगा समुदाय की आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र, सर्वसम्मत समाधान के लिये दबाव बनाने का आग्रह किया। यह अपील नगा क्षेत्र में दशकों से चल रहे असंतोष को समाप्त करने के लिये चल रही वार्ताओं के बीच आई है, और उन्होंने कहा कि अगले चुनाव चक्र से पहले शांति स्थापित करना आवश्यक है।
जामिर के बयानों को नागालैंड पोस्ट ने रिपोर्ट किया, जो दर्शाता है कि सक्रिय राजनीति से हटने के बाद भी वह क्षेत्रीय शांति प्रयासों में सक्रिय हैं। उन्होंने कोई विशेष समयसीमा नहीं बताई, परन्तु देरी से तनाव बढ़ सकता है और आर्थिक प्रगति बाधित हो सकती है, इस बात पर बल दिया। आरएसएस ने अभी तक इस अनुरोध पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि हाल के वर्षों में उत्तर‑पूर्व में आरएसएस का प्रभाव बढ़ा है, जिससे जामिर की अपील इस प्रभाव को राजनैतिक समाधान के लिये उपयोग करने की रणनीतिक चाल है। यह आह्वान स्थानीय नेतृत्व और राष्ट्रीय संगठनों के बीच जटिल संबंधों को उजागर करता है, जो लंबे समय से चल रहे जातीय संघर्षों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जामिर के बयानों को नागालैंड पोस्ट ने रिपोर्ट किया, जो दर्शाता है कि सक्रिय राजनीति से हटने के बाद भी वह क्षेत्रीय शांति प्रयासों में सक्रिय हैं। उन्होंने कोई विशेष समयसीमा नहीं बताई, परन्तु देरी से तनाव बढ़ सकता है और आर्थिक प्रगति बाधित हो सकती है, इस बात पर बल दिया। आरएसएस ने अभी तक इस अनुरोध पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि हाल के वर्षों में उत्तर‑पूर्व में आरएसएस का प्रभाव बढ़ा है, जिससे जामिर की अपील इस प्रभाव को राजनैतिक समाधान के लिये उपयोग करने की रणनीतिक चाल है। यह आह्वान स्थानीय नेतृत्व और राष्ट्रीय संगठनों के बीच जटिल संबंधों को उजागर करता है, जो लंबे समय से चल रहे जातीय संघर्षों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।