📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yu Chu Chin
यात्रा
टांडा रोड‑डेकाकुंड लाइन पर 8 सितंबर से चलने वाली पहली यात्री ट्रेन, पीएम मोदी ने दिखाया वर्चुअल हरी झंडी
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 05 सित. 2026, 07:28 PM
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टांडा रोड‑डेकाकुंड रेलखंड पर 8 सितंबर से 12 कोच की मेमू ट्रेन चलाएगी, जिससे मध्य प्रदेश के कुक्षी आदिवासी क्षेत्र को रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाएंगे।
मंत्रालय ने घोषणा की है कि टांडा रोड‑डेकाकुंड रेलखंड पर 8 सितंबर से 12 कोच की मेमू यात्री ट्रेन चलाने की व्यवस्था की गई है। यह नई सेवा मध्य प्रदेश के कुक्षी आदिवासी क्षेत्र को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ती है, जिससे स्थानीय लोगों को दैनिक यात्रा का साधन मिलेगा।
टांडा रोड‑डेकाकुंड सेक्शन पर यह पहली यात्री ट्रेन है; पहले यह केवल माल के लिए उपयोग में थी। अधिकारियों का कहना है कि नियमित यात्री सेवाओं की शुरुआत से गतिशीलता बढ़ेगी, व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा और शिक्षा‑स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच आसान होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल रूप से इस inaugural ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के सरकारी इरादे स्पष्ट होते हैं। मेमू ट्रेन नियमित अंतराल पर चलने की योजना है, और यात्रियों की मांग के अनुसार आवृत्ति बढ़ाने का प्रावधान है।
रेलवे विभाग ने बताया है कि इस लाइन को भविष्य में पर्यटन और छोटे उद्योगों जैसे आर्थिक पहलों के समर्थन हेतु भी इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे tribal जिलों को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में अधिक सम्मिलित किया जा सके।
टांडा रोड‑डेकाकुंड सेक्शन पर यह पहली यात्री ट्रेन है; पहले यह केवल माल के लिए उपयोग में थी। अधिकारियों का कहना है कि नियमित यात्री सेवाओं की शुरुआत से गतिशीलता बढ़ेगी, व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा और शिक्षा‑स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच आसान होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल रूप से इस inaugural ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के सरकारी इरादे स्पष्ट होते हैं। मेमू ट्रेन नियमित अंतराल पर चलने की योजना है, और यात्रियों की मांग के अनुसार आवृत्ति बढ़ाने का प्रावधान है।
रेलवे विभाग ने बताया है कि इस लाइन को भविष्य में पर्यटन और छोटे उद्योगों जैसे आर्थिक पहलों के समर्थन हेतु भी इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे tribal जिलों को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में अधिक सम्मिलित किया जा सके।