📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / abhiriksh
धर्म
बुरहानपुर में पोला पर्व पर सजे बैल, किसानों ने मिष्ठान्न से किया प्रसाद
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 10 सित. 2026, 09:17 PM
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मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में पोला पर्व के अवसर पर किसानों ने बैल को पारम्परिक सजावट से सजा कर पूजा‑अर्चना की और मिष्ठान्न प्रसाद के रूप में वितरित किया।
केंद्रीय भारत में मवेशी पालन करने वाले समुदायों द्वारा मनाया जाने वाला वार्षिक पोला पर्व बुरहानपुर, मध्य प्रदेश में रंगीन रूप से सजे बैल के साथ धूमधाम से शुरू हुआ। स्थानीय किसानों ने सुबह ही बैल को फूलों की माला, रंगीन पंख और पारम्परिक कपड़े से सजाकर एक जीवंत दृश्य तैयार किया।
गाँव के चौक के पास अस्थायी मंदिर में संक्षिप्त पूजा-अर्चना की गई, जहाँ पारम्परिक भजन गाए गए और धूप जलायी गई। पूजा के बाद किसानों ने लड्डू‑पेडा जैसे मिष्ठान्न को प्रसाद के रूप में उपस्थित लोगों में बाँटा, जो कृषि कार्य में बैल के योगदान के प्रति कृतज्ञता दर्शाता है।
भीड़ ने उत्साहपूर्वक जयकार की, जिससे किसान‑बैल के बीच के गहरे संबंध की पुष्टि हुई। आयोजकों ने बताया कि इस अवसर पर पशु कल्याण और सतत खेती के महत्व पर भी जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्थानीय प्राधिकरण ने बताया कि कार्यक्रम शांति‑पूर्ण रहा और कोई घटना दर्ज नहीं हुई। पोला के अगले दो दिन तक संगीत, लोकनृत्य और सामुदायिक भोजन के साथ जारी रहने की संभावना है।
गाँव के चौक के पास अस्थायी मंदिर में संक्षिप्त पूजा-अर्चना की गई, जहाँ पारम्परिक भजन गाए गए और धूप जलायी गई। पूजा के बाद किसानों ने लड्डू‑पेडा जैसे मिष्ठान्न को प्रसाद के रूप में उपस्थित लोगों में बाँटा, जो कृषि कार्य में बैल के योगदान के प्रति कृतज्ञता दर्शाता है।
भीड़ ने उत्साहपूर्वक जयकार की, जिससे किसान‑बैल के बीच के गहरे संबंध की पुष्टि हुई। आयोजकों ने बताया कि इस अवसर पर पशु कल्याण और सतत खेती के महत्व पर भी जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्थानीय प्राधिकरण ने बताया कि कार्यक्रम शांति‑पूर्ण रहा और कोई घटना दर्ज नहीं हुई। पोला के अगले दो दिन तक संगीत, लोकनृत्य और सामुदायिक भोजन के साथ जारी रहने की संभावना है।