📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dhruvlemagne
कृषि
लुधियाना में सतलुज में रेत खनन के आरोप पर किसानों ने धरना शुरू किया
✍️ Amar Ujala · Ludhiana
🗓 20 सित. 2026, 06:01 PM
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लुधियाना के किसान सतलुज नदी के किनारे धरना कर रहे हैं, वे रेत खनन को अवैध बताकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
लुधियाना के पास सतलुज नदी के किनारे किसान सोमवार को धरना कर रहे हैं, वे नदी में अवैध रेत खनन को लेकर विरोध जताते हैं। उनका कहना है कि अनियंत्रित रेत निकालने से नदी का प्रवाह घट रहा है, किनारे क्षरण हो रहा है और कृषि भूमि में जल की कमी से फसलें प्रभावित हो रही हैं।
किसानों ने जिला प्रशासन को लिखित शिकायत भेजी है, जिसमें रेत खनन पर तत्काल रोक और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व पुलिस द्वारा विस्तृत जांच की मांग की गई है। वे खोई हुई उपज के लिए मुआवजा और भविष्य में पर्यावरणीय मानदंडों के तहत खनन की गारंटी भी चाहते हैं।
स्थानीय अधिकारियों ने किसानों की चिंता को स्वीकार किया है और आरोपित खनन स्थलों की जांच के लिए टीम भेजी है। पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है, पर मौजूदा रेत निकासी नियमों को लागू करने का आश्वासन दिया है।
सरकार से स्पष्ट जवाब मिलने तक धरना जारी रहेगा। राज्य के अन्य नदी क्षेत्रों में भी प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को लेकर किसान आंदोलन देखे जा रहे हैं, जिससे जल संसाधन संरक्षण और कृषि हितों के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।
किसानों ने जिला प्रशासन को लिखित शिकायत भेजी है, जिसमें रेत खनन पर तत्काल रोक और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व पुलिस द्वारा विस्तृत जांच की मांग की गई है। वे खोई हुई उपज के लिए मुआवजा और भविष्य में पर्यावरणीय मानदंडों के तहत खनन की गारंटी भी चाहते हैं।
स्थानीय अधिकारियों ने किसानों की चिंता को स्वीकार किया है और आरोपित खनन स्थलों की जांच के लिए टीम भेजी है। पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है, पर मौजूदा रेत निकासी नियमों को लागू करने का आश्वासन दिया है।
सरकार से स्पष्ट जवाब मिलने तक धरना जारी रहेगा। राज्य के अन्य नदी क्षेत्रों में भी प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को लेकर किसान आंदोलन देखे जा रहे हैं, जिससे जल संसाधन संरक्षण और कृषि हितों के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।