📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rsmn
राजनीति
पूर्व भाजपा विधायक नंदू बंसवाल ने दौसा वार्ड‑19 में कांग्रेस प्रत्याशी देवांगना भंडारी को दिया आशीर्वाद
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 17 अक्टू. 2026, 08:00 AM
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दौसा ज़िला परिषद वार्ड‑19 के नामांकन समारोह में पूर्व भाजपा विधायक नंदू बंसवाल ने कांग्रेस प्रत्याशी देवांगना भंडारी को आशीर्वाद दिया और जीत की आशा जताई।
रायपुर, राजस्थान में दौसा ज़िला परिषद वार्ड‑19 के नामांकन समारोह में एक असामान्य राजनीतिक समर्थन देखा गया। पूर्व भाजपा विधायक नंदू बंसवाल ने कांग्रेस प्रत्याशी देवांगना भंडारी के नामांकन के दौरान उन्हें पारंपरिक टीका लगाया और जीत की कामना की, जिससे स्थानीय कार्यकर्ताओं और मीडिया का ध्यान आकर्षित हुआ।
देवांगना भंडारी, वार्ड‑19 की कांग्रेस उम्मीदवार, अपने नामांकन कागजात को जमा करते समय समर्थकों के बीच खड़ी थीं। इस समारोह में वरिष्ठ भाजपा नेता की उपस्थिति दर्शाती है कि क्षेत्रीय राजनीति में व्यक्तिगत संबंध कभी‑कभी कड़ी पार्टी रेखाओं से ऊपर उठते हैं, जबकि दोनों दल स्थानीय निकायों के लिए प्रतिस्पर्धा जारी रखते हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि राजस्थान के ज़िला स्तर के चुनावों में ऐसी पारस्परिक समर्थन की घटनाएँ दुर्लभ हैं, लेकिन यह स्थानीय गतिशीलता को दर्शाता है जहाँ व्यक्तिगत रिश्ते पार्टी की प्रतिबद्धता से अधिक महत्व रख सकते हैं। ज़िला परिषद चुनाव, जो इस वर्ष बाद में निर्धारित हैं, जिले के विकास कार्यों पर नियंत्रण तय करेंगे, इसलिए वार्ड‑19 की लड़ाई को निकटता से देखा जा रहा है।
समारोह बिना किसी व्यवधान के समाप्त हुआ और दोनों पार्टियां अब चुनावी अभियानों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। वार्ड‑19 के मतदाता यह तय करेंगे कि इस आशीर्वाद का प्रभाव चुनावी परिणाम पर पड़ता है या नहीं।
देवांगना भंडारी, वार्ड‑19 की कांग्रेस उम्मीदवार, अपने नामांकन कागजात को जमा करते समय समर्थकों के बीच खड़ी थीं। इस समारोह में वरिष्ठ भाजपा नेता की उपस्थिति दर्शाती है कि क्षेत्रीय राजनीति में व्यक्तिगत संबंध कभी‑कभी कड़ी पार्टी रेखाओं से ऊपर उठते हैं, जबकि दोनों दल स्थानीय निकायों के लिए प्रतिस्पर्धा जारी रखते हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि राजस्थान के ज़िला स्तर के चुनावों में ऐसी पारस्परिक समर्थन की घटनाएँ दुर्लभ हैं, लेकिन यह स्थानीय गतिशीलता को दर्शाता है जहाँ व्यक्तिगत रिश्ते पार्टी की प्रतिबद्धता से अधिक महत्व रख सकते हैं। ज़िला परिषद चुनाव, जो इस वर्ष बाद में निर्धारित हैं, जिले के विकास कार्यों पर नियंत्रण तय करेंगे, इसलिए वार्ड‑19 की लड़ाई को निकटता से देखा जा रहा है।
समारोह बिना किसी व्यवधान के समाप्त हुआ और दोनों पार्टियां अब चुनावी अभियानों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। वार्ड‑19 के मतदाता यह तय करेंगे कि इस आशीर्वाद का प्रभाव चुनावी परिणाम पर पड़ता है या नहीं।