📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vice President's Secretariat
शिक्षा
विकसित भारत के नेताओं को तैयार करने में शैक्षणिक संस्थानों की अहम भूमिका, कहे कविंदर
✍️ Daily Excelsior
🗓 23 अग. 2026, 01:18 PM
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डेली एक्सेलसियर में लिखते हुए कविंदर ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को विकसित भारत के भविष्य के नेताओं को तैयार करने में मुख्य भूमिका निभानी चाहिए।
डेली एक्सेलसियर में प्रकाशित एक लेख में कविंदर ने विकसित भारत के भविष्य के नेताओं को तैयार करने में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक शिक्षा नहीं, बल्कि नेतृत्व गुणों के निर्माण के केंद्र भी हैं।
यह टिप्पणी शिक्षकों और नीति निर्माताओं के बीच बढ़ती सहमति को दर्शाती है कि भारत में नेतृत्व की गुणवत्ता सीधे उसकी शिक्षा प्रणाली की प्रभावशीलता से जुड़ी है। पाठ्यक्रम में नागरिक जिम्मेदारी, आलोचनात्मक सोच और नैतिक निर्णय‑निर्धारण को शामिल करके संस्थान छात्रों को सार्वजनिक सेवा, उद्योग और नागरिक समाज में भूमिका निभाने के लिए बेहतर तैयार कर सकते हैं।
कविंदर के विचार ऐसे समय में सामने आए हैं जब देश विकास को तेज करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के मार्ग खोज रहा है। उन्होंने सार्वजनिक और निजी दोनों शैक्षणिक क्षेत्रों से युवा भारतीयों में दृष्टि, ईमानदारी और जवाबदेही को पोषित करने वाले माहौल का निर्माण करने का आह्वान किया।
यह टिप्पणी शिक्षकों और नीति निर्माताओं के बीच बढ़ती सहमति को दर्शाती है कि भारत में नेतृत्व की गुणवत्ता सीधे उसकी शिक्षा प्रणाली की प्रभावशीलता से जुड़ी है। पाठ्यक्रम में नागरिक जिम्मेदारी, आलोचनात्मक सोच और नैतिक निर्णय‑निर्धारण को शामिल करके संस्थान छात्रों को सार्वजनिक सेवा, उद्योग और नागरिक समाज में भूमिका निभाने के लिए बेहतर तैयार कर सकते हैं।
कविंदर के विचार ऐसे समय में सामने आए हैं जब देश विकास को तेज करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के मार्ग खोज रहा है। उन्होंने सार्वजनिक और निजी दोनों शैक्षणिक क्षेत्रों से युवा भारतीयों में दृष्टि, ईमानदारी और जवाबदेही को पोषित करने वाले माहौल का निर्माण करने का आह्वान किया।