📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
अपराध
ED ने टीएमसी सांसद नादिमुल हक़ी के पश्चिम बंगाल घर पर मनी लॉन्डरिंग जांच में छापा मारा
✍️ The Economic Times
🗓 07 सित. 2026, 12:03 PM
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एनफ़ोर्समेंट डायरेक्टरेट ने टीएमसी सांसद नादिमुल हक़ी के पश्चिम बंगाल घर पर छापा मारा, यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल, दिल्ली और झारखंड में कुल सात जगहों को शामिल करती है।
एनफ़ोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने पश्चिम बंगाल में ट्राइना मॉड कांग्रेस (TMC) सांसद नादिमुल हक़ी के घर पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी‑लॉन्डरिंग जांच के हिस्से के रूप में की गई, जिसमें अब तक पश्चिम बंगाल, दिल्ली और झारखंड में कुल सात जगहों को लक्षित किया गया है।
इकॉनॉमिक टाइम्स के अनुसार, ED टीम ने दस्तावेज़ों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बरामद किया, जो जांच से संबंधित हो सकते हैं। अभी तक इस बरामदगी की विस्तृत सामग्री या सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है।
यह कदम राजनीतिक व्यक्तियों से जुड़े वित्तीय अपराधों को रोकने के लिए केंद्र सरकार की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है। छापेमारी के दौरान कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, और सांसद के कार्यालय ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं दी है।
ED ने पहले भी कई राज्यों में इसी तरह की छापेमारी की है, जिससे अवैध धन प्रवाह को रोकने का अपना दायित्व पूरा किया जा रहा है। बरामद सामग्री की फोरेंसिक जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
जांच के परिणामस्वरूप यदि पर्याप्त सबूत मिले तो अदालत में विस्तृत रिपोर्ट दायर की जाएगी, जिससे संभावित मनी‑लॉन्डरिंग के आरोपों पर मुकदमा चलाया जा सकेगा।
इकॉनॉमिक टाइम्स के अनुसार, ED टीम ने दस्तावेज़ों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बरामद किया, जो जांच से संबंधित हो सकते हैं। अभी तक इस बरामदगी की विस्तृत सामग्री या सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है।
यह कदम राजनीतिक व्यक्तियों से जुड़े वित्तीय अपराधों को रोकने के लिए केंद्र सरकार की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है। छापेमारी के दौरान कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, और सांसद के कार्यालय ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं दी है।
ED ने पहले भी कई राज्यों में इसी तरह की छापेमारी की है, जिससे अवैध धन प्रवाह को रोकने का अपना दायित्व पूरा किया जा रहा है। बरामद सामग्री की फोरेंसिक जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
जांच के परिणामस्वरूप यदि पर्याप्त सबूत मिले तो अदालत में विस्तृत रिपोर्ट दायर की जाएगी, जिससे संभावित मनी‑लॉन्डरिंग के आरोपों पर मुकदमा चलाया जा सकेगा।