🔥 ट्रेंडिंग સુરતમાં ઉધના‑ભેસ્ટન માર્ગ પર 1:15 વાગ્... બોપલમાં સામાન્ય વરસાદે ફરી પાણી ભરાવાન... ખાડિયા વિસ્તારમાં 80 વર્ષ જૂનું મકાન ધ... ઇડરના જુમસર ગામમાં વીજળી પડવાથી બે ગાય... સરપંચે કચરાવિસર્જન રોકી, નાડું ભરાવ્યુ... ନୀଳପଦା ଗ୍ରାମରେ ଗଣାଧକ୍ଷ ପୂଜା ଉତ୍ସବ ଆୟୋଜ...
14 सित. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
कटनी में इको‑फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं की बढ़ती मांग, मिट्टी‑बांस‑लकड़ी को प्राथमिकता
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / KATNICITY
धर्म

कटनी में इको‑फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं की बढ़ती मांग, मिट्टी‑बांस‑लकड़ी को प्राथमिकता

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 14 सित. 2026, 12:45 PM 👁 9
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

कटनी में श्रद्धालु मिट्टी, बांस और लकड़ी की इको‑फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं को चुन रहे हैं, जिससे पास के जिलों के लोग भी आकर्षित हो रहे हैं।

कटनी, मध्य प्रदेश – गणेश उत्सव के निकट आते ही श्रद्धालुओं में एक नई प्रवृत्ति देखी जा रही है, जहाँ वे प्लास्टर और रासायनिक सामग्री की बजाय मिट्टी, बांस और लकड़ी जैसी प्राकृतिक सामग्री से बनी प्रतिमाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह बदलाव पर्यावरणीय जागरूकता और पारंपरिक प्रतिमाओं के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने की इच्छा को दर्शाता है।

स्थानीय कारीगरों ने इस मांग को पूरा करने के लिए विभिन्न आकार और डिज़ाइन की इको‑फ्रेंडली गणेश मूर्तियां तैयार की हैं, जो शहर के बाजारों में प्रदर्शित की जा रही हैं। इन हाथ से बनी प्रतिमाओं ने न केवल कटनी के निवासियों का ध्यान आकर्षित किया है, बल्कि पास के जिलों से आए श्रद्धालुओं को भी आकर्षित किया है, जो पर्यावरण के अनुकूल विकल्प तलाश रहे हैं।

उत्सव के आयोजकों ने इस प्रवृत्ति का स्वागत किया है, यह बताते हुए कि जैविक सामग्री का उपयोग धार्मिक कार्यक्रमों में हरित प्रथाओं को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है। अधिक लोग इस प्रकार की प्राकृतिक प्रतिमाओं को अपनाते रहने की संभावना है।

इको‑फ्रेंडली प्रतिमाओं की बढ़ती लोकप्रियता भारतीय धार्मिक समारोहों में स्थिरता की दिशा में एक व्यापक सांस्कृतिक बदलाव को उजागर करती है, और गणेश उत्सव के दौरान कटनी इस आंदोलन का केंद्र बन रहा है।
📲Get App