📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
राजनीति
डॉ. जमिर ने आरएसएस से कहा, नागा शांति वार्ता को तेज़ करें
✍️ nagalandpost.com
🗓 13 सित. 2026, 06:16 PM
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नागालैंड के डॉ. जमिर ने आरएसएस से नागा संघर्ष का शीघ्र समाधान लाने के लिए प्रयास तेज़ करने का आह्वान किया।
नागालैंड के लंबे समय से चल रहे संघर्ष ने दशकों से वार्ताओं में रुकावटें और प्रगति की कमी देखी है। हाल ही में, राज्य के एक प्रमुख राजनीतिक नेता डॉ. जमिर ने आरएसएस से आग्रह किया कि वे नागा संघर्ष का शीघ्र समाधान लाने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभाएँ।
"नागा के लोगों को शीघ्र और स्थायी शांति मिलनी चाहिए," डॉ. जमिर ने कहा, यह बताते हुए कि इस विवाद का समाधान न होने पर सामाजिक और आर्थिक स्थिरता पर असर पड़ेगा। उन्होंने आरएसएस, जो राष्ट्रीय राजनीति में अपनी प्रभाव के लिए जाना जाता है, से आग्रह किया कि वे सरकार और नागा प्रतिनिधियों के बीच संवाद को सुगम बनाने के लिए अपने नेटवर्क का उपयोग करें।
यह अपील नागरिक समाज और स्थानीय नेताओं की बढ़ती मांगों के बीच आई है, जो नई वार्ताओं की माँग कर रहे हैं। डॉ. जमिर ने बताया कि आरएसएस की भागीदारी प्रक्रिया में नई ऊर्जा और विश्वसनीयता ला सकती है, जिससे उन अंतरालों को पाटा जा सके जो पहले के समझौतों के बावजूद बने रहे हैं।
हालाँकि सरकार ने अभी तक औपचारिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी है, यह बयान नीति निर्माताओं और कार्यकर्ताओं के बीच इस बात पर बहस को जन्म दे रहा है कि संघर्ष समाधान में गैर-सरकारी संगठनों की क्या भूमिका होनी चाहिए। डॉ. जमिर का आह्वान नागालैंड में एक स्थायी समाधान प्राप्त करने के व्यापक राष्ट्रीय हित को रेखांकित करता है।
"नागा के लोगों को शीघ्र और स्थायी शांति मिलनी चाहिए," डॉ. जमिर ने कहा, यह बताते हुए कि इस विवाद का समाधान न होने पर सामाजिक और आर्थिक स्थिरता पर असर पड़ेगा। उन्होंने आरएसएस, जो राष्ट्रीय राजनीति में अपनी प्रभाव के लिए जाना जाता है, से आग्रह किया कि वे सरकार और नागा प्रतिनिधियों के बीच संवाद को सुगम बनाने के लिए अपने नेटवर्क का उपयोग करें।
यह अपील नागरिक समाज और स्थानीय नेताओं की बढ़ती मांगों के बीच आई है, जो नई वार्ताओं की माँग कर रहे हैं। डॉ. जमिर ने बताया कि आरएसएस की भागीदारी प्रक्रिया में नई ऊर्जा और विश्वसनीयता ला सकती है, जिससे उन अंतरालों को पाटा जा सके जो पहले के समझौतों के बावजूद बने रहे हैं।
हालाँकि सरकार ने अभी तक औपचारिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी है, यह बयान नीति निर्माताओं और कार्यकर्ताओं के बीच इस बात पर बहस को जन्म दे रहा है कि संघर्ष समाधान में गैर-सरकारी संगठनों की क्या भूमिका होनी चाहिए। डॉ. जमिर का आह्वान नागालैंड में एक स्थायी समाधान प्राप्त करने के व्यापक राष्ट्रीय हित को रेखांकित करता है।