📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kartik chauhandehra
स्वास्थ्य
हरियाणा के सार्वजनिक अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, रिक्तियों में बढ़ोतरी
✍️ timesofindia.indiatimes.com
🗓 20 सित. 2026, 06:04 AM
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हरियाणा के सरकारी अस्पतालों से डॉक्टरों के प्रस्थान से कई पद खाली हो गए हैं, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों की कमी बढ़ी है।
हरियाणा के सार्वजनिक अस्पतालों में डॉक्टरों के प्रस्थान से कई पद खाली हो गए हैं, जिससे राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की कमी तेज हो गई है। यह कमी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर बड़े जिला अस्पतालों तक महसूस की जा रही है, जहाँ चिकित्सकों की अनुपस्थिति से सामान्य आउट‑पेशेंट सेवाओं और आपातकालीन देखभाल पर असर पड़ रहा है।
राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस अंतर को स्वीकार किया है और बताया कि बेहतर वेतन और निजी क्षेत्र में करियर की संभावनाएँ सार्वजनिक प्रणाली में सीमित अवसरों के कारण डॉक्टरों को छोड़ने के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि रिक्तियों को भरने के लिए भर्ती अभियान चलाए जा रहे हैं, पर प्रक्रिया अभी धीमी है।
प्रभावित जिलों के रोगियों ने लंबी प्रतीक्षा अवधि और कुछ मामलों में विशेषज्ञ परामर्श के लिए दूर यात्रा करने की आवश्यकता बताई है। विभाग ने जनता से धैर्य रखने का अनुरोध किया है, जबकि वह स्टाफिंग स्तर को पुनर्स्थापित करने के प्रयास कर रहा है।
यह स्थिति कई भारतीय राज्यों में देखी जा रही सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक चुनौती को दर्शाती है, जहाँ निजी अस्पतालों और विदेश में अवसरों के कारण योग्य डॉक्टरों को बनाए रखना कठिन हो रहा है।
राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस अंतर को स्वीकार किया है और बताया कि बेहतर वेतन और निजी क्षेत्र में करियर की संभावनाएँ सार्वजनिक प्रणाली में सीमित अवसरों के कारण डॉक्टरों को छोड़ने के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि रिक्तियों को भरने के लिए भर्ती अभियान चलाए जा रहे हैं, पर प्रक्रिया अभी धीमी है।
प्रभावित जिलों के रोगियों ने लंबी प्रतीक्षा अवधि और कुछ मामलों में विशेषज्ञ परामर्श के लिए दूर यात्रा करने की आवश्यकता बताई है। विभाग ने जनता से धैर्य रखने का अनुरोध किया है, जबकि वह स्टाफिंग स्तर को पुनर्स्थापित करने के प्रयास कर रहा है।
यह स्थिति कई भारतीय राज्यों में देखी जा रही सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक चुनौती को दर्शाती है, जहाँ निजी अस्पतालों और विदेश में अवसरों के कारण योग्य डॉक्टरों को बनाए रखना कठिन हो रहा है।