📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Abha S Pradhan
शिक्षा
ओडिशा कॉलेज चुनावों में डिजिटल कैंपेनिंग को मिला छात्रों की पहली पसंद
✍️ Kanak News Odisha
🗓 10 अक्टू. 2026, 09:32 PM
👁 17
ओडिशा के कॉलेज चुनावों में छात्रों ने पारंपरिक तरीकों की बजाय डिजिटल साधनों को प्राथमिकता दी, जिससे ऑनलाइन कैंपेनिंग प्रमुख बन गई।
ओडिशा के विभिन्न कॉलेजों में हाल ही में हुए छात्र संघ चुनावों में उम्मीदवारों ने डिजिटल कैंपेनिंग को प्राथमिकता दी, जिससे पारंपरिक घर‑घर जाकर प्रचार और प्रिंटेड पोस्टर की जगह ऑनलाइन साधनों ने ले ली। यह प्रवृत्ति भुवनेश्वर के इंजीनियरिंग कॉलेजों से लेकर कट्टाक के कला कॉलेजों तक व्यापक रूप से देखी गई।
उम्मीदवारों ने इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के साथ व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग करके अपने घोषणापत्र, वर्चुअल रैलियां और इंटरैक्टिव सर्वे साझा किए। छोटे‑छोटे वीडियो, मीम और पोल बनाकर उन्होंने कम लागत में बड़ी संख्या में छात्रों तक पहुंच बनाई।
चुनाव अधिकारियों ने बताया कि यह डिजिटल बदलाव भारतीय युवाओं में इंटरनेट की बढ़ती पहुँच और महामारी के बाद वर्चुअल इंटरैक्शन की सहजता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में छात्र राजनीति में डेटा‑आधारित रणनीतियों का उदय हो सकता है और ऑनलाइन जागरूकता के माध्यम से मतदान भागीदारी बढ़ सकती है।
उम्मीदवारों ने इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के साथ व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग करके अपने घोषणापत्र, वर्चुअल रैलियां और इंटरैक्टिव सर्वे साझा किए। छोटे‑छोटे वीडियो, मीम और पोल बनाकर उन्होंने कम लागत में बड़ी संख्या में छात्रों तक पहुंच बनाई।
चुनाव अधिकारियों ने बताया कि यह डिजिटल बदलाव भारतीय युवाओं में इंटरनेट की बढ़ती पहुँच और महामारी के बाद वर्चुअल इंटरैक्शन की सहजता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में छात्र राजनीति में डेटा‑आधारित रणनीतियों का उदय हो सकता है और ऑनलाइन जागरूकता के माध्यम से मतदान भागीदारी बढ़ सकती है।