📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prami.ap90
मौसम
दिल्ली ने एयर क्वालिटी गिरने पर ग्रैप‑II नियंत्रण लागू किए
✍️ The Indian Express
🗓 03 नव. 2026, 03:01 AM
👁 20
हवा की गुणवत्ता में तेज गिरावट के बाद दिल्ली ने कड़े ग्रैप‑II नियंत्रण लागू कर उद्योगों और वाहनों पर उत्सर्जन सीमा घटा दी है।
दिल्ली के पर्यावरण विभाग ने सोमवार को घोषणा की कि हवा की गुणवत्ता में अचानक गिरावट के कारण शहर ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP‑II) के दूसरे स्तर को लागू करेगा। यह कदम तब उठाया गया जब पीएम2.5 और पीएम10 के स्तर कई लगातार दिनों तक अनुमत सीमा से ऊपर रहे।
GRAP‑II के तहत दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने डीजल जनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध, निर्माण धूल पर कड़ी रोक और छोटे‑मध्यम उद्योगों के उत्सर्जन को घटाने का आदेश दिया है। सार्वजनिक परिवहन ऑपरेटरों को इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों का हिस्सा बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
यह उपाय श्वसन रोगों और सर्दियों में अस्पताल में भर्ती होने की दर में वृद्धि से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए है। अधिकारी चेतावनी देते हैं कि वायु गुणवत्ता सुरक्षित स्तर तक पहुँचने तक ये प्रतिबंध जारी रहेंगे, जैसा कि राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्शाता है।
नागरिकों से अनुरोध है कि गैर‑ज़रूरी यात्रा से बचें, खुले में कचरा जलाने से रोकें और बाहर निकलते समय एन95 मास्क पहनें। DPCC शहर भर में स्थापित रीयल‑टाइम सेंसरों के माध्यम से अनुपालन की निगरानी करेगा और सरकार के पोर्टल पर दैनिक अपडेट प्रकाशित करेगा।
GRAP‑II का सक्रियण 2019 के दिल्ली धुंध संकट के बाद सबसे कठोर प्रदूषण नियंत्रण कदम है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और नगरपालिका, उद्योग तथा जनता के बीच समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
GRAP‑II के तहत दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने डीजल जनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध, निर्माण धूल पर कड़ी रोक और छोटे‑मध्यम उद्योगों के उत्सर्जन को घटाने का आदेश दिया है। सार्वजनिक परिवहन ऑपरेटरों को इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों का हिस्सा बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
यह उपाय श्वसन रोगों और सर्दियों में अस्पताल में भर्ती होने की दर में वृद्धि से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए है। अधिकारी चेतावनी देते हैं कि वायु गुणवत्ता सुरक्षित स्तर तक पहुँचने तक ये प्रतिबंध जारी रहेंगे, जैसा कि राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्शाता है।
नागरिकों से अनुरोध है कि गैर‑ज़रूरी यात्रा से बचें, खुले में कचरा जलाने से रोकें और बाहर निकलते समय एन95 मास्क पहनें। DPCC शहर भर में स्थापित रीयल‑टाइम सेंसरों के माध्यम से अनुपालन की निगरानी करेगा और सरकार के पोर्टल पर दैनिक अपडेट प्रकाशित करेगा।
GRAP‑II का सक्रियण 2019 के दिल्ली धुंध संकट के बाद सबसे कठोर प्रदूषण नियंत्रण कदम है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और नगरपालिका, उद्योग तथा जनता के बीच समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करता है।