📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Home Affairs
धर्म
दिल्ली में 1984 के सिख विरोधी दंगों के खिलाफ मार्च
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 02 नव. 2026, 01:36 PM
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दिल्ली में एक बड़ा मार्च हुआ, जिसमें 1984 के सिख विरोधी दंगों के लिए जवाबदेही की माँग की गई और पीड़ितों के लिए शीघ्र न्याय की अपील की गई।
आज दिल्ली में सिख संगठनों द्वारा 1984 के सिख विरोधी दंगों की वर्षगांठ पर एक मार्च आयोजित किया गया। प्रतिभागियों ने निर्धारित मार्ग पर सिख ध्वज और पोस्टर लेकर चलना शुरू किया, जिसमें पीड़ितों के लिए न्याय और जिम्मेदारियों की माँग की गई।
1984 के दंगे, जो प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए, हजारों सिखों की मौत और कई लोगों का विस्थापन का कारण बने। तब से पीड़ितों के परिवार न्याय और आधिकारिक मान्यता के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने मार्च के मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की और बताया कि प्रदर्शन शांति से संपन्न हुआ, कोई हिंसा या व्यवधान नहीं हुआ। आयोजकों ने कहा कि यह प्रदर्शन समुदाय की न्याय की निरंतर माँग को दर्शाता है और जिम्मेदारों के खिलाफ तेज़ कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
रैलियों के अंत में एक स्मारक स्थल पर शोकांजलि अर्पित की गई, जिससे 1984 के दंगों के शिकारों की याद को सुदृढ़ किया गया और न्याय की पुकार को दोहराया गया।
1984 के दंगे, जो प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए, हजारों सिखों की मौत और कई लोगों का विस्थापन का कारण बने। तब से पीड़ितों के परिवार न्याय और आधिकारिक मान्यता के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने मार्च के मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की और बताया कि प्रदर्शन शांति से संपन्न हुआ, कोई हिंसा या व्यवधान नहीं हुआ। आयोजकों ने कहा कि यह प्रदर्शन समुदाय की न्याय की निरंतर माँग को दर्शाता है और जिम्मेदारों के खिलाफ तेज़ कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
रैलियों के अंत में एक स्मारक स्थल पर शोकांजलि अर्पित की गई, जिससे 1984 के दंगों के शिकारों की याद को सुदृढ़ किया गया और न्याय की पुकार को दोहराया गया।