🔥 ट्रेंडिंग ಕವಿತಾಳದ ಬುಧವಾರದ ಸಂತೆ: ವಿಶೇಷ ಸಂಭ್ರಮದ ಮಾ... ਧੰਨ ਧੰਨ ਬਾਬਾ ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਸ਼ਹੀਦ: ਸਤਿਕਾਰ ਅਤ... जनसंघ काल के पूर्व विधायक स्व. अनिरुद्... ঝাড়গ্রামে পাটি কর্তৃপক্ষ ও সাধারণ মান... Mathura kosi त्योहारों को लेकर एसपी दे... ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪੰਜ ਖਿਡਾਰੀ ਅੱਜ ਭਾਰਤੀ ਕ੍ਰਿਕਟ ਟ...
04 नव. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
दिल्ली हाई कोर्ट ने पत्नी की मानसिक बीमारी के कारण तलाक याचिका को खारिज किया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Avrajyoti Mitra
देश

दिल्ली हाई कोर्ट ने पत्नी की मानसिक बीमारी के कारण तलाक याचिका को खारिज किया

✍️ India Today 🗓 04 नव. 2026, 08:32 PM 👁 17
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक पुरुष की तलाक याचिका को खारिज कर दिया, यह कहा कि पत्नी की मानसिक बीमारी तलाक का पर्याप्त कारण नहीं है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को एक पति द्वारा पत्नी की मानसिक बीमारी को तलाक के कारण बताकर दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता का तर्क था कि उसकी पत्नी की स्थिति वैवाहिक जीवन को असहनीय बना देती है, पर न्यायालय ने कहा कि केवल मानसिक बीमारी के आधार पर तलाक का कानूनी मानदंड नहीं बनता।

कोर्ट ने पत्नी के चिकित्सकीय दस्तावेजों की जांच की, जिसमें बीमारी की पुष्टि हुई लेकिन पति के प्रति कोई हिंसक या दुरुपयोगी व्यवहार नहीं दिखा। न्यायाधीशों ने कहा कि विवाह एक ऐसा अनुबंध है जो कठिनाइयों को सहन करने के लिए बनाया गया है, और कानून उपचार और समर्थन प्रदान करता है, न कि विवाह समाप्ति का।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला यह सिद्ध करता है कि केवल साथी की मानसिक स्वास्थ्य समस्या के आधार पर तलाक नहीं दिया जा सकता, जब तक कि वह गंभीर उपेक्षा या खतरा न पैदा करे। यह निर्णय भारत के अन्य न्यायालयों में समान मामलों के लिए मिसाल बन सकता है।

पति को इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करने का अधिकार है, जबकि पत्नी को डॉक्टरों की सलाह के अनुसार मनोचिकित्सा जारी रखने की उम्मीद है।
📲Get App