📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Alexander Migl
बिज़नेस
दिल्ली ई-ऑटो नीति का विरोध, चार्जिंग और वित्तीय मदद की मांग बढ़ी
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 27 जून 2026, 09:46 PM
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दिल्ली में नई ई-ऑटो नीति को कड़ा विरोध झेलना पड़ रहा है। हितधारकों ने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय सहायता पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है।
दिल्ली में नई ई-ऑटो नीति को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। मुख्य हितधारक इस नीति पर कड़ा ऐतराज जता रहे हैं, जिनकी मुख्य मांगें पर्याप्त चार्जिंग सुविधाओं और इलेक्ट्रिक ऑटो अपनाने के लिए व्यापक वित्तीय सहायता पर केंद्रित हैं।
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि इलेक्ट्रिक ऑटो के लिए वर्तमान चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अपर्याप्त है। चार्जिंग स्टेशनों की कमी को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की चाह रखने वाले ड्राइवरों और ऑपरेटरों के लिए एक बड़ी बाधा माना जा रहा है।
इसके अलावा, वित्तीय सहायता की मांगें भी प्रमुखता से उठाई जा रही हैं। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि सब्सिडी या अन्य वित्तीय सहायता इलेक्ट्रिक ऑटो को ड्राइवरों के लिए आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जो शुरुआती निवेश लागत और पारंपरिक ऑटो-रिक्शा की तुलना में संभावित परिचालन अंतर को कवर करेगी।
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि इलेक्ट्रिक ऑटो के लिए वर्तमान चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अपर्याप्त है। चार्जिंग स्टेशनों की कमी को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की चाह रखने वाले ड्राइवरों और ऑपरेटरों के लिए एक बड़ी बाधा माना जा रहा है।
इसके अलावा, वित्तीय सहायता की मांगें भी प्रमुखता से उठाई जा रही हैं। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि सब्सिडी या अन्य वित्तीय सहायता इलेक्ट्रिक ऑटो को ड्राइवरों के लिए आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जो शुरुआती निवेश लागत और पारंपरिक ऑटो-रिक्शा की तुलना में संभावित परिचालन अंतर को कवर करेगी।