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22 सित. 2026
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दिल्ली कोर्ट ने पिताजी‑पुत्री जोड़ी को यौन उत्पीड़न मामले में विरोधाभासों के बीच बरी किया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramesh lalwani
अपराध

दिल्ली कोर्ट ने पिताजी‑पुत्री जोड़ी को यौन उत्पीड़न मामले में विरोधाभासों के बीच बरी किया

✍️ India Today 🗓 06 सित. 2026, 09:49 AM 👁 29
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दिल्ली के एक न्यायालय ने पिताजी‑पुत्री को यौन उत्पीड़न के आरोपों से बरी कर दिया, क्योंकि अभियोजन पक्ष के कई विरोधाभास सामने आए।

दिल्ली के ट्रायल कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोप में फँसे एक पिता‑पुत्री को बरी कर दिया। न्यायालय ने बताया कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूतों में कई विरोधाभास हैं, जिससे केस की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।

साक्षियों के बयान में असंगतियों और जांच रिपोर्ट में खामियों को देखते हुए कोर्ट ने यह निष्कर्ष निकाला कि अभियोजन ने आरोपित अपराध को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं प्रस्तुत किए।

निर्णय के बाद दोनों आरोपी को रिहा कर दिया गया और केस फाइल को बंद करने का आदेश दिया गया। कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह फैसला आपराधिक मामलों में साक्ष्य की निरंतरता और विश्वसनीयता के महत्व को रेखांकित करता है।

बरी होने के बाद भी शिकायतकर्ता ने अपील करने का इरादा जताया है, क्योंकि वह मानती हैं कि आरोप अभी भी सत्य हैं। यह मामला भविष्य में यौन अपराधों के मुकदमों में साक्ष्य संग्रह और प्रस्तुति के मानकों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता को उजागर करता है।
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