📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
दलित नेता रामदास अथावले का बयान: जातिवाद खत्म हो तो आरक्षण छोड़ेंगे
✍️ The Economic Times
🗓 09 सित. 2026, 03:04 PM
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रामदास अथावले ने कहा कि अगर भारत में जातिवाद समाप्त हो गया तो वह आरक्षण प्रणाली को छोड़ने को तैयार हैं।
रामदास अथावले, अनुभवी दलित नेता और केंद्रीय मंत्री, ने दि इकोनॉमिक टाइम्स के साथ साक्षात्कार में कहा कि यदि भारत में जातिवाद समाप्त हो जाता है तो वह आरक्षण प्रणाली को छोड़ने को तैयार हैं।
अथावले ने बताया कि आरक्षण एक अस्थायी उपाय था जो ऐतिहासिक अन्याय को दूर करने के लिए लागू किया गया था, और यदि सामाजिक समानता हासिल हो जाए तो इसे स्थायी नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों और नागरिक समाज से आग्रह किया कि वे ऐसी मेरिट‑आधारित प्रणाली बनाने पर ध्यान दें जिसमें जाति पहचान का कोई स्थान न हो।
यह बयान आरक्षण की प्रासंगिकता और विस्तार पर चल रहे बहस के बीच आया है, जहाँ कुछ राज्यों ने सुधारों का प्रस्ताव रखा है जबकि अन्य मौजूदा व्यवस्था का समर्थन कर रहे हैं। अथावले के विचार आरक्षण को बनाए रखने और जातिवाद‑मुक्त समाज की आकांक्षा के बीच के तनाव को उजागर करते हैं।
हालाँकि उन्होंने कोई समयसीमा नहीं बताई, अथावले ने कहा कि आरक्षण को धीरे‑धीरे समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सहमति और जातीय भेदभाव में स्पष्ट कमी का प्रमाण आवश्यक होगा।
अथावले ने बताया कि आरक्षण एक अस्थायी उपाय था जो ऐतिहासिक अन्याय को दूर करने के लिए लागू किया गया था, और यदि सामाजिक समानता हासिल हो जाए तो इसे स्थायी नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों और नागरिक समाज से आग्रह किया कि वे ऐसी मेरिट‑आधारित प्रणाली बनाने पर ध्यान दें जिसमें जाति पहचान का कोई स्थान न हो।
यह बयान आरक्षण की प्रासंगिकता और विस्तार पर चल रहे बहस के बीच आया है, जहाँ कुछ राज्यों ने सुधारों का प्रस्ताव रखा है जबकि अन्य मौजूदा व्यवस्था का समर्थन कर रहे हैं। अथावले के विचार आरक्षण को बनाए रखने और जातिवाद‑मुक्त समाज की आकांक्षा के बीच के तनाव को उजागर करते हैं।
हालाँकि उन्होंने कोई समयसीमा नहीं बताई, अथावले ने कहा कि आरक्षण को धीरे‑धीरे समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सहमति और जातीय भेदभाव में स्पष्ट कमी का प्रमाण आवश्यक होगा।