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डॉ. भीमराव अम्बेडकर योजना से नीलेश शाक्य बने आत्मनिर्भर, किराना दुकान से प्रतिमाह कमा रहे 25-30 हजार
ग्वालियर के नीलेश शाक्य ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण लेकर अपनी किराना दुकान खोली है। अब वे प्रतिमाह 25-30 हजार रुपये कमाकर आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं।
ग्वालियर जिले के नीलेश शाक्य ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश की है। 12वीं तक की पढ़ाई के बाद नौकरी की तलाश कर रहे नीलेश ने शासकीय योजना की जानकारी मिलने पर अधिकारियों से संपर्क किया। उन्हें इंडसइंड बैंक के माध्यम से एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने अपनी स्वयं की किराना दुकान खोली।
आज नीलेश किसी के यहां नौकरी करने के बजाय अपना व्यवसाय कर रहे हैं और खुशी-खुशी जीवन यापन कर रहे हैं। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने अपनी दुकान को सफल बनाया है। ऋण की किस्त जमा करने के बाद भी उन्हें प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये की आय हो रही है।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास शिविर कुलैथ में नीलेश शाक्य ने जिला कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान एवं अन्य अतिथियों के समक्ष मंच पर आकर अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे शासकीय योजना ने उन्हें स्वरोजगार का अवसर प्रदान किया।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने नीलेश शाक्य को स्वरोजगार स्थापित करने पर बधाई दी और उन्हें प्रेरित किया कि वे गांव के अन्य युवाओं को भी शासन की योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रोत्साहित करें।
आज नीलेश किसी के यहां नौकरी करने के बजाय अपना व्यवसाय कर रहे हैं और खुशी-खुशी जीवन यापन कर रहे हैं। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने अपनी दुकान को सफल बनाया है। ऋण की किस्त जमा करने के बाद भी उन्हें प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये की आय हो रही है।
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