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01 अग. 2026
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अदालतों को आरोपी की मानसिक क्षमता का मूल्यांकन करना होगा, भले ही आवेदन न हो
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sir Charles Alfred Bell (1870-1945)
अपराध

अदालतों को आरोपी की मानसिक क्षमता का मूल्यांकन करना होगा, भले ही आवेदन न हो

✍️ Live Law 🗓 01 अग. 2026, 10:32 AM 👁 6

एक नई कानूनी दिशा-निर्देश के अनुसार, अदालतों को आरोपी की मानसिक क्षमता का मूल्यांकन करना होगा, भले ही कोई औपचारिक आवेदन न हो, यदि साक्ष्य से संभावित अक्षमता का संकेत मिलता है।

हाल ही में एक कानूनी विकास के तहत यह अनिवार्य किया गया है कि अदालतों को आरोपी की मानसिक क्षमता का मूल्यांकन करना होगा, भले ही कोई औपचारिक आवेदन न हो, यदि साक्ष्य से संभावित अक्षमता का संकेत मिलता है।

यह आवश्यकता न्यायसंगत प्रक्रिया के सिद्धांतों के अनुरूप है और यह सुनिश्चित करती है कि आरोपी को ऐसे कार्यवाही का सामना न करना पड़े जिसे वे समझ नहीं सकते।

न्यायाधीशों को अब मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन आदेशित करने या विशेषज्ञ गवाही लेने का दायित्व होगा जब साक्ष्य से पता चलता है कि आरोपी मानसिक रूप से सक्षम नहीं है।

यह दिशा-निर्देश औपचारिक आवेदन की आवश्यकता को समाप्त नहीं करता, बल्कि अदालत के विवेक को सक्रिय रूप से कार्य करने के लिए विस्तारित करता है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कमजोर आरोपी की रक्षा करने और आपराधिक कार्यवाही की अखंडता बनाए रखने के उद्देश्य से है।
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