📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
नौकरी
को‑कर्मचारी को एसीआर ग्रेडिंग को चुनौती नहीं दे सकता, प्रोमोशन में सुपरसेशन का कारण
✍️ Live Law
🗓 07 सित. 2026, 04:39 PM
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एक हालिया फैसले में कहा गया कि सहकर्मी केवल इस कारण एसीआर को चुनौती नहीं दे सकता कि इससे सहकर्मी का प्रोमोशन सुपरसेशन हुआ।
बेंच ने एक कर्मचारी द्वारा दायर याचिका पर विचार किया, जिसमें वह अपने सहयोगी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) की रेटिंग को उलटने की मांग कर रहा था, यह तर्क देते हुए कि इस रेटिंग के कारण सहयोगी को प्रोमोशन में सुपरसेशन मिला। अदालत ने कहा कि एसीआर एक प्रदर्शन मूल्यांकन उपकरण है और इसे सेवा नियमों द्वारा नियंत्रित किया जाता है; रेटिंग से संबंधित शिकायतें विभागीय प्रक्रियाओं के माध्यम से ही की जानी चाहिए, न कि सीधे प्रोमोशन के परिणाम को चुनौती देकर।
फैसले में स्पष्ट किया गया कि केवल एसीआर के कारण सुपरसेशन होने से सहकर्मी को ग्रेडिंग को चुनौती देने का कानूनी अधिकार नहीं मिलता। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि प्रदर्शन मूल्यांकन में संभावित पक्षपात या त्रुटियों को दूर करने के लिए विभागीय सुरक्षा उपाय मौजूद हैं।
याचिका को खारिज कर, अदालत ने यह सिद्धांत मजबूत किया कि प्रदर्शन मूल्यांकन से जुड़े रोजगार विवादों को प्रशासनिक ढांचे के भीतर सुलझाया जाना चाहिए, जिससे प्रोमोशन प्रक्रिया की अखंडता बनी रहे।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह निर्णय आंतरिक सेवा मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप की सीमित सीमा को उजागर करता है, और कर्मचारियों को न्यायालय में जाने से पहले विभागीय उपायों को पूरी तरह अपनाने की सलाह देता है।
यह रूलिंग भविष्य में एसीआर विवादों और प्रोमोशन सुपरसेशन से जुड़ी मामलों के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत बनकर उभरेगी।
फैसले में स्पष्ट किया गया कि केवल एसीआर के कारण सुपरसेशन होने से सहकर्मी को ग्रेडिंग को चुनौती देने का कानूनी अधिकार नहीं मिलता। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि प्रदर्शन मूल्यांकन में संभावित पक्षपात या त्रुटियों को दूर करने के लिए विभागीय सुरक्षा उपाय मौजूद हैं।
याचिका को खारिज कर, अदालत ने यह सिद्धांत मजबूत किया कि प्रदर्शन मूल्यांकन से जुड़े रोजगार विवादों को प्रशासनिक ढांचे के भीतर सुलझाया जाना चाहिए, जिससे प्रोमोशन प्रक्रिया की अखंडता बनी रहे।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह निर्णय आंतरिक सेवा मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप की सीमित सीमा को उजागर करता है, और कर्मचारियों को न्यायालय में जाने से पहले विभागीय उपायों को पूरी तरह अपनाने की सलाह देता है।
यह रूलिंग भविष्य में एसीआर विवादों और प्रोमोशन सुपरसेशन से जुड़ी मामलों के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत बनकर उभरेगी।