📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Stilling Ronald (Sub Lt)
देश
बीमा कंपनी ने शराब के इतिहास का हवाला देकर दावा खारिज किया, अदालत ने विधवा को 60 लाख रुपये दिए
✍️ The Indian Express
🗓 05 अक्टू. 2026, 05:48 PM
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मृतक के शराब पीने के इतिहास का हवाला देते हुए बीमा कंपनी ने दुर्घटना का दावा खारिज कर दिया था। अदालत ने विधवा को 60 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है।
एक विधवा को कानूनी जीत मिली है, जब अदालत ने बीमा कंपनी को 60 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया। बीमा कंपनी ने पहले ही पति की दुर्घटना में मृत्यु के दावे को खारिज कर दिया था। कंपनी ने तर्क दिया था कि मृतक के पास शराब पीने का इतिहास था, जिससे पॉलिसी कवरेज अमान्य हो जाता है।
कानूनी प्रक्रिया में यह तय किया गया कि क्या बीमाकर्ता मृतक के व्यक्तिगत आदतों के बजाय मृत्यु के तत्काल कारण के आधार पर अपनी ज़िम्मेदारी से इनकार कर सकता है। अदालत ने दावेदार के पक्ष में रूल करके बीमा फर्म को विधवा को 60 लाख रुपये का पूरा राशि जारी करने का निर्देश दिया।
यह फैसला बीमा दावों के कानूनी सीमाओं को उजागर करता है, जहां बीमाकर्ता मृतक की जीवनशैली के इतिहासिक डेटा का उपयोग करके कवरेज से इनकार करने की कोशिश करते हैं। इस फैसले से यह सुनिश्चित होता है कि बीमाकर्ता के आपत्तियों के बावजूद लाभार्थी को पॉलिसी के तहत निर्धारित वित्तीय सहायता प्राप्त होती है।
कानूनी प्रक्रिया में यह तय किया गया कि क्या बीमाकर्ता मृतक के व्यक्तिगत आदतों के बजाय मृत्यु के तत्काल कारण के आधार पर अपनी ज़िम्मेदारी से इनकार कर सकता है। अदालत ने दावेदार के पक्ष में रूल करके बीमा फर्म को विधवा को 60 लाख रुपये का पूरा राशि जारी करने का निर्देश दिया।
यह फैसला बीमा दावों के कानूनी सीमाओं को उजागर करता है, जहां बीमाकर्ता मृतक की जीवनशैली के इतिहासिक डेटा का उपयोग करके कवरेज से इनकार करने की कोशिश करते हैं। इस फैसले से यह सुनिश्चित होता है कि बीमाकर्ता के आपत्तियों के बावजूद लाभार्थी को पॉलिसी के तहत निर्धारित वित्तीय सहायता प्राप्त होती है।