📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Satdeep Gill
स्थानीय
ज्याणी के विवादास्पद बयान पर जालंधर महिला आयोग में शिकायत दर्ज
✍️ Amar Ujala · Jalandhar
🗓 23 सित. 2026, 06:36 PM
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ज्याणी के हालिया बयान पर सार्वजनिक बहस के बाद जालंधर महिला आयोग में शिकायत दर्ज की गई है।
जालंधर, पंजाब – ज्याणी नामक सार्वजनिक व्यक्ति द्वारा किए गए बयान के बाद जालंधर में पंजाब राज्य महिला आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज की गई है। इन टिप्पणियों को सामाजिक मीडिया और स्थानीय समूहों ने तुरंत ही आलोचना की, और शिकायतकर्ता मानते हैं कि यह महिलाओं के प्रति अपमानजनक और संभावित रूप से भेदभावपूर्ण है।
अज्ञात व्यक्ति या संगठन द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि ज्याणी के बयान लैंगिक‑संवेदनशीलता मानकों का उल्लंघन करते हैं और आयोग से इस मामले की जांच करने का अनुरोध किया गया है। आयोग के सचिव ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की और कहा कि आगे की जांच के लिए प्रारम्भिक समीक्षा की जाएगी।
महिला आयोग के अधिकारियों ने बयान की सटीक सामग्री को गोपनीयता के कारण सार्वजनिक नहीं किया, पर यह बताया कि यदि महिला संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन सिद्ध हुआ तो चेतावनी, सुधारात्मक उपाय या पुलिस को संदर्भित किया जा सकता है। इस मामले पर आयोग की अगली नियमित बैठक में चर्चा होने की संभावना है।
स्थानीय NGOs और महिला अधिकार संगठनों ने त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया है, यह रेखांकित करते हुए कि सार्वजनिक व्यक्तियों को जिम्मेदार भाषा प्रयोग करनी चाहिए। आयोग की समीक्षा का परिणाम क्षेत्र में लैंगिक शिकायतों के प्रति संस्थान की प्रतिक्रिया को परखने वाला माना जाएगा।
अज्ञात व्यक्ति या संगठन द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि ज्याणी के बयान लैंगिक‑संवेदनशीलता मानकों का उल्लंघन करते हैं और आयोग से इस मामले की जांच करने का अनुरोध किया गया है। आयोग के सचिव ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की और कहा कि आगे की जांच के लिए प्रारम्भिक समीक्षा की जाएगी।
महिला आयोग के अधिकारियों ने बयान की सटीक सामग्री को गोपनीयता के कारण सार्वजनिक नहीं किया, पर यह बताया कि यदि महिला संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन सिद्ध हुआ तो चेतावनी, सुधारात्मक उपाय या पुलिस को संदर्भित किया जा सकता है। इस मामले पर आयोग की अगली नियमित बैठक में चर्चा होने की संभावना है।
स्थानीय NGOs और महिला अधिकार संगठनों ने त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया है, यह रेखांकित करते हुए कि सार्वजनिक व्यक्तियों को जिम्मेदार भाषा प्रयोग करनी चाहिए। आयोग की समीक्षा का परिणाम क्षेत्र में लैंगिक शिकायतों के प्रति संस्थान की प्रतिक्रिया को परखने वाला माना जाएगा।