📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bulliard, Pierre; Letellier, J. B. L.
स्वास्थ्य
त्रिपुरा में एजीएमसी 7‑जीबीपी अस्पताल में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वे‑2 कार्यशाला
✍️ Northeast Today
🗓 20 सित. 2026, 06:36 AM
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त्रिपुरा के एजीएमसी 7‑जीबीपी अस्पताल में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वे‑2 के लिए सहमति कार्यशाला आयोजित हुई, जहाँ विशेषज्ञों ने कार्यप्रणाली और कार्यान्वयन पर चर्चा की।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वे‑2 की अगली चरण की तैयारी के लिए त्रिपुरा के एजीएमसी 7‑जीबीपी अस्पताल में सहमति कार्यशाला आयोजित की गई। दो दिन चलने वाली इस बैठक में मनोवैज्ञानिक, मनोचिकित्सक, सार्वजनिक स्वास्थ्य शोधकर्ता और राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए, जिन्होंने सर्वेक्षण की नमूना योजना, डेटा संग्रह उपकरण और नैतिक दिशानिर्देशों को अंतिम रूप दिया। पहले चरण की सीख को देखते हुए सभी ने मानकीकृत प्रोटोकॉल पर सहमति जताई, जिससे विभिन्न राज्यों में तुलनात्मकता बनी रहे। कार्यशाला में क्षेत्रीय कार्यान्वयन की समय‑सीमा, सर्वेक्षक प्रशिक्षण और स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों के साथ समन्वय भी तय किया गया। यह कार्यक्रम नॉर्थईस्ट टुडे द्वारा रिपोर्ट किया गया, जो क्षेत्र के मानसिक‑स्वास्थ्य डेटा को सुदृढ़ करने के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रस्तुत किया गया।
त्रिपुरा सहित उत्तर‑पूर्व में मानसिक रोगों की बढ़ती समस्या को देखते हुए यह पहल सरकारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहाँ विशेष देखभाल की पहुँच अभी सीमित है। राष्ट्रीय उद्देश्यों को राज्य की क्षमताओं के साथ संरेखित कर, अधिकारी आशा करते हैं कि NMHS‑2 नीति‑निर्धारण और संसाधन आवंटन में मदद करेगा।
आयोजकों ने कहा कि कार्यशाला में प्राप्त सहमति को दस्तावेज़ीकृत कर केंद्रीय सर्वे टीम के साथ साझा किया जाएगा, ताकि अंतिम अध्ययन ढाँचा में सम्मिलित किया जा सके।
त्रिपुरा सहित उत्तर‑पूर्व में मानसिक रोगों की बढ़ती समस्या को देखते हुए यह पहल सरकारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहाँ विशेष देखभाल की पहुँच अभी सीमित है। राष्ट्रीय उद्देश्यों को राज्य की क्षमताओं के साथ संरेखित कर, अधिकारी आशा करते हैं कि NMHS‑2 नीति‑निर्धारण और संसाधन आवंटन में मदद करेगा।
आयोजकों ने कहा कि कार्यशाला में प्राप्त सहमति को दस्तावेज़ीकृत कर केंद्रीय सर्वे टीम के साथ साझा किया जाएगा, ताकि अंतिम अध्ययन ढाँचा में सम्मिलित किया जा सके।