📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / PMO India
राजनीति
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने असम के लिए 10,000 करोड़ रुपये का बाढ़ राहत पैकेज मांगा
✍️ India Today NE
🗓 21 अग. 2026, 02:03 AM
👁 5
कांग्रेस प्रमुख गौरव गोगोई ने असम की बाढ़ समस्या के समाधान के लिए 10,000 करोड़ रुपये का पैकेज मांगा और प्रधानमंत्री की असम के प्रति चिंता पर सवाल उठाया।
असम के कांग्रेस प्रमुख गौरव गोगोई ने राज्य के बाढ़ संकट को हल करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का पैकेज मांगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा, "क्या प्रधानमंत्री वास्तव में असम की परवाह करते हैं?" यह मांग लगातार बरसात के कारण उत्पन्न बाढ़ से प्रभावित लोगों और बुनियादी ढांचे की स्थिति को देखते हुए की गई है।
गोगोई ने केंद्र सरकार से त्वरित धनराशि आवंटित करने की अपील की, जिससे बाढ़ नियंत्रण उपायों को सुदृढ़ किया जा सके, विस्थापित परिवारों का पुनर्वास हो और कृषि भूमि की पुनर्स्थापना संभव हो। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यापक वित्तीय पैकेज बाढ़ के पुनरावृत्ति को रोकने और असमियों के भरोसे को पुनः स्थापित करने के लिए आवश्यक है।
यह बड़ी राहत राशि की मांग आगामी चुनावी दौर में ruling सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाती है। जबकि कांग्रेस ठोस कार्रवाई चाहता है, केंद्र सरकार ने अभी तक असम के लिए कोई विशेष पैकेज घोषित नहीं किया है।
स्थानीय अधिकारी और बाढ़ प्रबंधन विशेषज्ञ इस बड़े पैकेज की व्यवहार्यता का मूल्यांकन करेंगे। इस मांग का परिणाम न केवल आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को प्रभावित करेगा, बल्कि प्रधानमंत्री की असम के बाढ़ मुद्दों में भागीदारी को लेकर राजनीतिक कथा को भी आकार देगा।
गोगोई ने केंद्र सरकार से त्वरित धनराशि आवंटित करने की अपील की, जिससे बाढ़ नियंत्रण उपायों को सुदृढ़ किया जा सके, विस्थापित परिवारों का पुनर्वास हो और कृषि भूमि की पुनर्स्थापना संभव हो। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यापक वित्तीय पैकेज बाढ़ के पुनरावृत्ति को रोकने और असमियों के भरोसे को पुनः स्थापित करने के लिए आवश्यक है।
यह बड़ी राहत राशि की मांग आगामी चुनावी दौर में ruling सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाती है। जबकि कांग्रेस ठोस कार्रवाई चाहता है, केंद्र सरकार ने अभी तक असम के लिए कोई विशेष पैकेज घोषित नहीं किया है।
स्थानीय अधिकारी और बाढ़ प्रबंधन विशेषज्ञ इस बड़े पैकेज की व्यवहार्यता का मूल्यांकन करेंगे। इस मांग का परिणाम न केवल आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को प्रभावित करेगा, बल्कि प्रधानमंत्री की असम के बाढ़ मुद्दों में भागीदारी को लेकर राजनीतिक कथा को भी आकार देगा।